सावन का महीना हिन्दू पंचांग के अनुसार बहुत पवित्र माना जाता है. यह भगवान शिव की पूजा का सबसे उत्तम समय होता है. इस बार सावन 11 जुलाई 2025 से शुरू होकर 9 अगस्त 2025 को समाप्त होगा. सावन के प्रत्येक सोमवार को “श्रावण सोमवारी” व्रत रखा जाता है, जो विशेष रूप से फलदायी होता है.
ज्योतिष के अनुसार सावन 2025 का महत्व
इस बार सावन सिर्फ धार्मिक दृष्टि से नहीं बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी अत्यंत विशेष है. वैदिक ज्योतिष और वास्तु विशेषज्ञ आदित्य झा के अनुसार 26 जुलाई 2025 को शुक्र ग्रह मिथुन राशि में गोचर करेंगे. इस दौरान मिथुन राशि में पहले से ही देवगुरु बृहस्पति स्थित होंगे. जब ये दोनों शुभ ग्रह एक ही राशि में मिलते हैं, तो वह योग गजलक्ष्मी राजयोग कहलाता है.
गजलक्ष्मी राजयोग क्या है?
आदित्य झा के अनुसार,गजलक्ष्मी राजयोग एक अत्यंत शुभ और लाभकारी योग है. इसके बनने पर व्यक्ति को लक्ष्मी की कृपा, धन-संपत्ति, मान-सम्मान, ऐश्वर्य और वैवाहिक सुख की प्राप्ति होती है. यह योग उस समय बनता है जब शुक्र और गुरु एक ही राशि में स्थित होकर शुभ दृष्टि डालते हैं.
गजलक्ष्मी राजयोग का प्रभाव किन राशियों पर पड़ेगा
मेष राशि
इस राशि के जातकों को व्यापार में उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे. कार्यक्षेत्र में सीनियर और सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा. आर्थिक पक्ष मजबूत होगा और पुराने तनाव दूर होंगे. नई योजनाओं की सफलता सुनिश्चित है.
वृषभ राशि
वृषभ राशि के लिए यह समय बहुत ही शुभ है क्योंकि शुक्र इनके स्वामी ग्रह हैं. व्यापार में लाभ होगा और अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं. समाज में मान-सम्मान में वृद्धि होगी और परिवार में खुशहाली आएगी.
मिथुन राशि
मिथुन राशि में ही यह योग बन रहा है, इसलिए इसका सबसे ज्यादा प्रभाव इसी राशि पर होगा. वैवाहिक जीवन में सुख, प्रेम और सामंजस्य बढ़ेगा. छात्रों के लिए समय अनुकूल है. प्रेम संबंधों में गहराई आएगी और मानसिक संतुलन बना रहेगा.
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों की आय में वृद्धि होगी. नौकरी में प्रमोशन और नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है. ऑफिस में आपके कार्यों की सराहना होगी और नेतृत्व क्षमता उभर कर सामने आएगी.
तुला राशि
तुला राशि के लिए यह समय सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बहुत शुभ रहेगा. प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं. पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी और पुराने तनाव समाप्त होंगे.


