कैंसर अक्सर शरीर के अंदर धीरे-धीरे पनपता है, और शुरुआत में इसके कोई लक्षण दिखाई नहीं देते, जिसकी वजह से इसका पता देर से चलता है. शुरुआती फेज में, यह चुपचाप और बिना किसी दर्द के बढ़ता है, हालांकि, जैसे-जैसे समय के साथ ट्यूमर का आकार बढ़ता है, इसके लक्षण सामने आने लगते हैं. इसलिए, अपने शरीर में होने वाले छोटे-मोटे बदलावों को नजरअंदाज न करें. जब कैंसर के इलाज की बात आती है, तो ‘जल्दी पता चलना’ ही सबसे बड़ा गेम-चेंजर साबित होता है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए, यह खबर 10 ऐसे मुख्य लक्षणों के बारे में बताता है जो कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि या कैंसर का संकेत हो सकते हैं. ये ऐसे चेतावनी संकेत हैं जिन्हें कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए…
इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

- पाचन में लगातार बदलाव-पाचन तंत्र में लगातार बदलाव जैसे कि पेट में लंबे समय तक दर्द, बारी-बारी से दस्त और कब्ज होना, बिना किसी वजह के वजन कम होना, मल में खून आना, पेट पूरी तरह से खाली न होना या लगातार अपच होना, पेट या कोलन कैंसर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं. ये लक्षण बताते हैं कि कोई ट्यूमर पाचन तंत्र में रुकावट पैदा कर रहा है या अंदरूनी रक्तस्राव हो रहा है.अगर जीवनशैली या खान-पान में बदलाव करने के बाद भी पाचन से जुड़े ये बदलाव बने रहते हैं, तो किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें.
- पेट में बिना किसी वजह के दर्द या पेट फूलना-पेट में सूजन, बेचैनी या दबाव का लगातार बना रहना, जो ठीक न हो, शरीर के अंदरूनी हिस्सों में सूजन या लिक्विड जमा होने का संकेत हो सकता है. यह लक्षण कई तरह की मेडिकल स्थितियों से जुड़ा हो सकता है, जिसमें बड़ी आंत (कोलन), पेट या अंडाशय जैसे अंगों में कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि शामिल है.
- लगातार थकान-बिना किसी शारीरिक मेहनत के भी लगातार थकान महसूस होना सामान्य बात नहीं है, बल्कि, यह कोशिकाओं की कार्यप्रणाली में किसी गड़बड़ी का संकेत हो सकता है. यह सामान्य थकान से अलग होता है. यह सेलुलर लेवल पर एनर्जी प्रोडक्शन (माइटोकॉन्ड्रिया की खराबी) में गड़बड़ी के कारण उत्पन्न हो सकती है. दरअसल, जब शरीर कोशिकाओं की असामान्य गतिविधियों को कंट्रोल करने के लिए अधिक प्रयास करता है, तो इससे शरीर का एनर्जी लेवल कम हो सकता है, जिसके कारण लगातार थकान महसूस होती है. ऐसी स्थिति में, अगर आपको बहुत थोड़ा काम करने के बाद भी पूरी तरह से थका हुआ महसूस होता है, कई हफ्तों तक कमजोरी बनी रहती है, किसी भी चीज पर ध्यान लगाने में मुश्किल होती है, और बिना किसी साफ वजह के वजन कम होने लगता है, तो इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें, डॉक्टर से सलाह लें.
- अचानक वजन कम होना-बिना डाइटिंग या ज्यादा शारीरिक गतिविधि के अचानक वजन कम होना इस बात का संकेत हो सकता है कि शरीर अपनी सामान्य मेटाबॉलिक प्रक्रियाओं को बनाए रखने के लिए मेहनत कर रहा है. कोशिकाओं की असामान्य गतिविधि शरीर की ऊर्जा की खपत को बढ़ा सकती है और भूख को कम कर सकती है.
- भूख न लगना-जल्दी पेट भर जाना, बहुत थोड़ी मात्रा में खाना खाने के बाद ही पेट भरा हुआ महसूस होना, या आम तौर पर भूख न लगना कैंसर का संकेत हो सकता है. यदि आप ऐसे लक्षण देखते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें.
- त्वचा में बदलाव या लगातार खुजली जो ठीक न हो-लगातार खुजली या स्किन में बदलाव (जैसे रंग में बदलाव या चकत्ते) शरीर के अंदरूनी असंतुलन या इम्यून सिस्टम की प्रतिक्रिया के संकेत हो सकते हैं. इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें, अगर ये गंभीर हो जाएं, तो डॉक्टर से सलाह लें.
- बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार बना रहने वाला दर्द-ऐसा दर्द जो पुराना (chronic) हो जाता है और जिसका किसी चोट या खिंचाव से कोई संबंध नहीं होता, शरीर के भीतर किसी गहरी और अंतर्निहित समस्या का संकेत हो सकता है. जब असामान्य कोशिकाएं नसों या ऊतकों (tissues) को प्रभावित करती हैं, तो पीठ, पेल्विस या कंधों जैसे क्षेत्रों में असहजता महसूस हो सकती है.
- एबनॉर्मल ब्लीडिंग या डिस्चार्ज–बिना किसी चोट के ब्लीडिंग होना इस बात का संकेत हो सकता है कि शरीर के किसी हिस्से की कोशिकाएं हेल्दी नहीं हैं. हालांकि, इस लक्षण के कई ऐसे कारण हो सकते हैं जो गंभीर नहीं होते, लेकिन, यदि यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो आपको किसी डॉक्टर से इसकी जांच करवानी चाहिए.
- निगलने में दिक्कत या गले में लगातार परेशानी-अगर निगलने में लगातार ज्यादा दिक्कत या दर्द महसूस हो, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि भोजन-नली (esophagus) या उसके आस-पास के ऊतकों में कोई परेशानी या सूजन है. अगर आपको दम घुटने जैसा महसूस हो, गले में जलन हो, या ऐसा लगे कि खाना आपके गले में फंस गया है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें.
- सांस लेने में दिक्कत या सीने में दबाव महसूस होना-सांस लेने में दिक्कत तब हो सकती है जब असामान्य कोशिकाएं फेफड़ों, सीने की गुहा (chest cavity) या ब्लड फ्लो में रुकावट डालती हैं. सांस लेने में थोड़ी सी भी दिक्कत को गंभीरता से लेना चाहिए, जैसे कि आराम करते समय अचानक सांस फूलना, सीने में कसाव महसूस होना, सांस लेते समय घरघराहट की आवाज आना (जो अस्थमा या किसी संक्रमण से जुड़ी न हो) जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
- शरीर पर सूजन, गांठें, या त्वचा का मोटा होना-शरीर पर किसी गांठ का होना जरूरी नहीं कि वह कैंसर ही हो, हालांकि, यदि कोई नई गांठ उभरती है या कोई पुरानी गांठ बड़ी हो जाती है, तो उसकी जांच हमेशा करवानी चाहिए. असामान्य कोशिकाओं के समूह छूने पर कठोर महसूस हो सकते हैं या एक ही जगह पर स्थिर दिखाई दे सकते हैं.
आपको डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण लगातार दो हफ्तों से ज्यादा समय तक महसूस होता है, या यदि एक साथ कई लक्षण दिखाई देते हैं, तो जल्द से जल्द डॉक्टरी सलाह लेना बेहद जरूरी है. शुरुआती डॉक्टरी जांच से स्वास्थ्य समस्याओं का पता, उनके गंभीर होने से काफी पहले ही लगाया जा सकता है.


