सिमडेगा के खूबसूरत जलाशय को विकसित करने की योजना, पहले चरण के लिए 5 करोड़ रुपये आवंटित करने की अनुशंसा; पर्यटन सुविधाओं में होगा विस्तार
सिमडेगा | 3 नवंबर 2026: झारखंड के सिमडेगा जिले में स्थित केलाघाघ डैम आने वाले समय में पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है। प्राकृतिक सुंदरता से घिरे इस जलाशय में इको रिसॉर्ट बनाने की योजना तैयार की जा रही है। परियोजना के पहले चरण के लिए करीब पांच करोड़ रुपये आवंटित करने की अनुशंसा की गई है। योजना पूरी होने पर यहां पर्यटकों को ठहरने और प्रकृति के बीच समय बिताने की बेहतर सुविधाएं मिल सकती हैं। इससे स्थानीय कारोबार और रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
घोषणा के बाद आगे बढ़ी इको रिसॉर्ट की योजना
केलाघाघ डैम में इको रिसॉर्ट विकसित करने की पहल 20 अक्टूबर 2026 को आयोजित पीटर बाड़ा मेमोरियल हॉकी टूर्नामेंट के दौरान हुई थी। सिमडेगा के एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इस परियोजना के लिए राशि उपलब्ध कराने की घोषणा की थी।
इसके बाद 28 अक्टूबर को योजना एवं विकास विभाग ने सिमडेगा के उपायुक्त को पत्र भेजकर प्रस्तावित योजना का प्राक्कलन तैयार करने का निर्देश दिया। अब पहले चरण के लिए लगभग पांच करोड़ रुपये आवंटित करने की अनुशंसा की गई है। इससे परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया को गति मिलने की संभावना है।
पहाड़ियों और हरियाली के बीच बसा है केलाघाघ डैम
सिमडेगा जिला मुख्यालय से लगभग चार से छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित केलाघाघ डैम छिंदा नदी पर बना जलाशय है। चारों ओर पहाड़ियों और हरियाली से घिरे इस स्थान की प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को आकर्षित करती है।
डैम का शांत पानी, पहाड़ियों का नजारा और आसपास का खुला वातावरण इसे सैर-सपाटे और पिकनिक के लिए खास बनाता है। यहां नौका विहार और पैरासेलिंग जैसी गतिविधियों की सुविधा भी उपलब्ध बताई गई है। डैम के पठार पर बना छोटा पार्क इसकी खूबसूरती में और इजाफा करता है।
शहर के नजदीक होने के कारण स्थानीय लोग भी परिवार और दोस्तों के साथ यहां घूमने पहुंचते हैं।
पेयजल आपूर्ति के लिहाज से भी अहम है जलाशय
केलाघाघ डैम की उपयोगिता केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है। यह सिमडेगा शहर की पेयजल जरूरतों को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सिमडेगा अधिसूचित क्षेत्र समिति इसी जलाशय से शहर में पानी की आपूर्ति करती है।
ऐसे में पर्यटन सुविधाओं का विकास करते समय जलाशय की स्वच्छता, जल संरक्षण और पेयजल आपूर्ति की जरूरतों का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण होगा।
मानसून और सर्दियों में पहुंचते हैं प्रकृति प्रेमी
केलाघाघ डैम की खूबसूरती सालभर पर्यटकों को आकर्षित करती है, लेकिन मानसून और सर्दियों में यहां का प्राकृतिक नजारा विशेष रूप से मनमोहक हो जाता है। अक्टूबर से मार्च के बीच मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने के कारण घूमने-फिरने के लिए यह समय बेहतर माना जाता है।
पहाड़ियों के बीच फैला जलाशय, आसपास की हरियाली और सूर्यास्त का दृश्य यहां आने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं।
इको रिसॉर्ट से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल सकती है मजबूती
यदि प्रस्तावित इको रिसॉर्ट योजना धरातल पर उतरती है, तो केलाघाघ डैम में पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विस्तार हो सकता है। दूसरे जिलों और राज्यों से आने वाले लोगों की संख्या बढ़ने पर होटल, परिवहन, खानपान और स्थानीय उत्पादों से जुड़े कारोबार को लाभ मिल सकता है।
इसके साथ ही पर्यटन से संबंधित सेवाओं में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। हालांकि, परियोजना के निर्माण, सुविधाओं और संचालन से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही इसके वास्तविक स्वरूप का पता चलेगा।
फिलहाल सिमडेगा के लोगों की नजरें इस प्रस्तावित योजना की अगली प्रक्रिया पर टिकी हैं। पांच करोड़ रुपये की अनुशंसा के बाद अब यह देखना होगा कि इको रिसॉर्ट निर्माण की औपचारिक स्वीकृति और काम शुरू होने की प्रक्रिया कब पूरी होती है।
Bharat Superfast News | Simdega Desk
