रांची: कुजू-रांची रोड Y-कनेक्शन बाईपास परियोजना का लगभग तीन-चौथाई निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन जमीन अधिग्रहण से जुड़ी अड़चनों के कारण शेष काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। रेलवे से संबंधित इस महत्वपूर्ण परियोजना में अब बची हुई जमीन उपलब्ध होने और रैयतों को मुआवजा मिलने का इंतजार है।
75 प्रतिशत काम पूरा, बजट का 60% खर्च
पूर्व मध्य रेलवे की ओर से CPGRAMS में दर्ज शिकायत के जवाब में परियोजना की स्थिति स्पष्ट की गई है। रेलवे के मुताबिक बाईपास का करीब 75 प्रतिशत भौतिक कार्य पूरा हो चुका है।
परियोजना के लिए स्वीकृत बजट में से लगभग 60 प्रतिशत राशि खर्च की जा चुकी है, जबकि करीब 40 प्रतिशत बजट अभी शेष है। यानी निर्माण का बड़ा हिस्सा पूरा होने के बावजूद जमीन से जुड़ी समस्या के कारण परियोजना का अंतिम चरण अटक गया है।
जमीन अधिग्रहण और मुआवजा भुगतान बनी मुख्य बाधा
रेलवे के अनुसार परियोजना में देरी का प्रमुख कारण आवश्यक जमीन का पूरी तरह उपलब्ध नहीं होना है। इसके साथ ही संबंधित रैयतों को मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया भी लंबित है।
फिलहाल राज्य स्तर पर बची हुई जमीन के अधिग्रहण की कार्रवाई चल रही है। जमीन अधिग्रहण के साथ रैयतों को मुआवजा देने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
जमीन मिलने के बाद तय होगी नई समय-सीमा
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि जब तक परियोजना के लिए पूरी जमीन उपलब्ध नहीं हो जाती, तब तक बाईपास पूरा करने की नई समय-सीमा निर्धारित नहीं की जाएगी। पूरी जमीन मिलने के बाद ही निर्माण कार्य की प्रगति के आधार पर नई डेडलाइन तय की जाएगी।
इस वजह से फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि परियोजना का शेष काम कब तक पूरा हो सकेगा।
पूरा होने पर कनेक्टिविटी को मिलेगा फायदा
कुजू-रांची Y-कनेक्शन बाईपास के पूरा होने से क्षेत्र की सड़क और रेलवे से जुड़ी कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय लोगों के आवागमन को भी सुविधा मिल सकती है।
जनहित को देखते हुए बची हुई जमीन के अधिग
