Monday, September 28, 2026

किडनी स्टोन का इलाज क्यों हो रहा चुनौतीपूर्ण? डिहाइड्रेशन और मॉडर्न डाइट से बढ़ सकता है खतरा.

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मुंबईः बदलती जीवनशैली और खान-पान की आदतों के बीच किडनी स्टोन यानी पथरी के मामले बढ़ने की बात सामने आ रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक खासतौर पर कैल्शियम ऑक्सालेट और इन्फेक्शन से जुड़ी पथरी कई मामलों में चुनौतीपूर्ण हो सकती है। पथरी का इलाज उसके आकार, प्रकार और मरीज की स्थिति के आधार पर तय किया जाता है।

मुंबई के सैफी हॉस्पिटल की कंसल्टेंट यूरोलॉजिस्ट डॉ. सोनी मेहता के अनुसार, आधुनिक चिकित्सा तकनीकों से किडनी स्टोन का इलाज संभव है, लेकिन कुछ प्रकार की पथरी अपनी कठोरता या बार-बार बनने की प्रवृत्ति के कारण अधिक जटिल हो सकती हैं।

कैल्शियम ऑक्सालेट स्टोन काफी कठोर हो सकते हैं

डॉ. मेहता के मुताबिक ऑक्सालेट से जुड़ी पथरी तब बन सकती है, जब शरीर में कैल्शियम, ऑक्सालेट, सिस्टीन या फॉस्फेट का स्तर बढ़े। इनमें कैल्शियम ऑक्सालेट मोनोहाइड्रेट को बेहद कठोर प्रकार की पथरी में गिना जाता है।

कुछ मामलों में पथरी किडनी के अंदर मौजूद कैलिसियल सिस्टम के आकार के अनुरूप फैल सकती है और बड़ी होने पर इसका आकार हिरण के सींग जैसा दिखाई दे सकता है। ऐसी कठोर पथरी को सामान्य शॉक वेव लिथोट्रिप्सी या मानक लेजर उपचार से तोड़ना हमेशा आसान नहीं होता।

इन्फेक्शन वाली पथरी में अतिरिक्त सावधानी जरूरी

इन्फेक्शन से बनने वाली पथरी का संबंध मूत्र मार्ग में संक्रमण से हो सकता है। विशेषज्ञ के अनुसार डायबिटीज से जूझ रहे लोगों या लंबे समय से संक्रमण वाले मरीजों में ऐसी पथरी अधिक देखने को मिल सकती है।

कुछ गंभीर मामलों में संक्रमण किडनी को प्रभावित कर सकता है और सेप्सिस जैसी जटिल स्थिति पैदा कर सकता है। इसलिए विशेषकर डायबिटीज वाले मरीजों में ऐसी पथरी के उपचार के दौरान चिकित्सकीय निगरानी और विशेषज्ञता महत्वपूर्ण होती है।

किडनी स्टोन बढ़ने के पीछे कई कारण

डॉ. सोनी मेहता के अनुसार जटिल पथरी के मामलों के पीछे कई कारक हो सकते हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • कम पानी पीना: गर्म मौसम और ज्यादा पसीना आने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इससे पेशाब अधिक गाढ़ा हो सकता है और क्रिस्टल बनने की संभावना बढ़ सकती है।
  • खान-पान: ऑक्सालेट वाले खाद्य पदार्थ, अधिक नमक, चीनी और पशु-आधारित प्रोटीन का ज्यादा सेवन पथरी के जोखिम से जुड़ा हो सकता है।
  • आनुवंशिक कारण: परिवार में किडनी स्टोन का इतिहास होने पर जोखिम बढ़ सकता है।
  • कुछ स्वास्थ्य स्थितियां: डायबिटीज, मोटापा, गाउट, हाइपरपैराथायरायडिज्म, लंबे समय तक डायरिया, क्रोहन डिजीज जैसी इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज और यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन जैसे कारण जोखिम को प्रभावित कर सकते हैं।
  • जीवनशैली: कम शारीरिक सक्रियता और कुछ दवाओं का इस्तेमाल भी कुछ लोगों में पथरी के जोखिम से जुड़ा हो सकता है।

1 सेंटीमीटर से बड़ी या कठोर पथरी में बढ़ सकती है चुनौती

विशेषज्ञों के अनुसार खान-पान में बदलाव, पर्याप्त पानी न पीना और कठोर कैल्शियम स्टोन की समस्या कुछ मरीजों में इलाज को अधिक चुनौतीपूर्ण बना सकती है।

ESWL यानी शॉक वेव लिथोट्रिप्सी जैसी गैर-आक्रामक तकनीकें कुछ मामलों में उपयोगी होती हैं, लेकिन बहुत कठोर या 1 सेंटीमीटर से बड़ी पथरी में इनकी प्रभावशीलता सीमित हो सकती है। ऐसे मामलों में डॉक्टर पथरी की स्थिति और मरीज की परिस्थितियों के अनुसार दूसरे उपचार विकल्पों पर विचार कर सकते हैं।

कम पानी से कैसे बनती है पथरी?

पथरी बनने की प्रक्रिया को समझने के लिए विशेषज्ञ ‘सॉल्यूट-सॉल्वेंट’ अवधारणा का उल्लेख करते हैं। जब पेशाब में ऑक्सालेट या यूरिक एसिड जैसे क्रिस्टल बनाने वाले पदार्थों की सांद्रता बढ़ जाती है और पानी कम होता है, तो पेशाब अधिक गाढ़ा हो सकता है।

ऐसी स्थिति में इन पदार्थों के क्रिस्टल के रूप में जमा होने की संभावना बढ़ती है, जो समय के साथ पथरी का रूप ले सकते हैं।

प्रोसेस्ड फूड, नमक और प्रोटीन पर रखें ध्यान

बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड और नमक का सेवन भी पथरी के जोखिम को प्रभावित कर सकता है। दिए गए विशेषज्ञ मत के अनुसार कुछ प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों में ऑक्सालेट और फॉस्फोरस की मात्रा अधिक हो सकती है।

वहीं, प्रोटीन का अत्यधिक सेवन भी कुछ लोगों में पथरी बनने से जुड़े कारकों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए प्रोटीन सप्लीमेंट का इस्तेमाल व्यक्तिगत जरूरत और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार करना चाहिए।

फल-सब्जियां और पर्याप्त हाइड्रेशन मददगार

डॉ. सोनी मेहता के अनुसार पर्याप्त पानी पीना और संतुलित मात्रा में फल-सब्जियों को आहार में शामिल करना किडनी स्टोन से बचाव में मदद कर सकता है।

पेशाब में मौजूद साइट्रेट प्राकृतिक रूप से क्रिस्टल बनने की प्रक्रिया को रोकने में भूमिका निभाता है। इसलिए साइट्रेट वाले खाद्य पदार्थ, खासकर खट्टे फल, आहार का हिस्सा बनाए जा सकते हैं।

बार-बार किडनी स्टोन बनने वाले कुछ मरीजों को डॉक्टर साइट्रेट सप्लीमेंट की सलाह भी दे सकते हैं। हालांकि इसकी जरूरत व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और पथरी के प्रकार के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।

यूरिक एसिड भी बन सकता है कारण

यूरिक एसिड के क्रिस्टल खुद पथरी बना सकते हैं या पहले से मौजूद पथरी पर जमा हो सकते हैं। इससे कुछ मामलों में पथरी की समस्या अधिक जटिल हो सकती है।

यूरिक एसिड का संबंध खासतौर पर पशु-आधारित खाद्य पदार्थों के सेवन और शरीर में इसके मेटाबॉलिज्म से होता है। हालांकि पथरी बनने के पीछे कई अन्य कारक भी हो सकते हैं।

नोट: किडनी स्टोन के इलाज और बचाव की रणनीति पथरी के प्रकार, आकार, स्थान और मरीज की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है। बार-बार पथरी होने, तेज दर्द, पेशाब में परेशानी या संक्रमण जैसे लक्षण होने पर चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

BharatSuperFastNews | हेल्थ डेस्क

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