Saturday, October 17, 2026

कतरास के GNM मैदान में थाईलैंड के अरुण मंदिर की झलक, 55 लाख की लागत से बना भव्य दुर्गा पूजा पंडाल.

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धनबाद: दुर्गा पूजा 2026 के अवसर पर धनबाद के कतरास में बना एक भव्य पूजा पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। कतरास के GNM मैदान में तैयार इस पंडाल की वास्तुकला थाईलैंड के प्रसिद्ध अरुण मंदिर से प्रेरित है। विदेशी स्थापत्य शैली, शंख और सीप से की गई आकर्षक सजावट तथा कारीगरों की बारीक कारीगरी इसे खास पहचान दे रही है।

पंडाल को तैयार करने में लगभग 50 से 55 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इसकी भव्य संरचना को आकार देने में करीब 150 कारीगरों ने मेहनत की है। धार्मिक आस्था और कलात्मक रचनात्मकता का यह संगम दुर्गा पूजा के दौरान लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।

थाईलैंड के अरुण मंदिर की वास्तुकला से प्रेरित पंडाल

कतरास के GNM हाई स्कूल रोड स्थित पूजा पंडाल में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को विदेशी वास्तुकला की झलक देखने को मिलती है। इसकी बनावट थाईलैंड के प्रसिद्ध अरुण मंदिर की शैली से प्रेरित है। पंडाल की संरचना और सजावट को इस तरह तैयार किया गया है कि यह अपनी अलग पहचान बना सके।

पंडाल की खूबसूरती बढ़ाने के लिए शंख और सीप का इस्तेमाल किया गया है। इन प्राकृतिक सामग्रियों से तैयार सजावटी कलाकृतियां इसकी भव्यता को और निखारती हैं। सजावट में बारीक काम और कलात्मकता की झलक साफ दिखाई देती है।

150 कारीगरों की मेहनत से तैयार हुआ भव्य पंडाल

इस आकर्षक पूजा पंडाल को बनाने में लगभग 150 कारीगरों ने योगदान दिया है। करीब 50 से 55 लाख रुपये की लागत से तैयार इस संरचना के अलग-अलग हिस्सों में कारीगरों की मेहनत और हुनर नजर आता है।

पंडाल की बनावट से लेकर सजावट तक, हर हिस्से को आकर्षक बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। शंख और सीप जैसी सामग्रियों के इस्तेमाल ने इसकी सुंदरता को अलग रूप दिया है। यही वजह है कि यह पंडाल धार्मिक आस्था के साथ-साथ कला और वास्तुकला में रुचि रखने वाले लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष ध्यान

मां दुर्गा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडाल पहुंच रहे हैं। लोग इसकी भव्यता और आकर्षक सजावट को कैमरों में कैद कर रहे हैं। पूजा के दौरान भीड़ को देखते हुए आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी भी की गई है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पंडाल क्षेत्र में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा महिला सुरक्षा और वॉकी-टॉकी के माध्यम से आपसी समन्वय की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया गया है, ताकि आयोजन के दौरान व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके।

आस्था, कला और संस्कृति का अनूठा संगम

कतरास का GNM दुर्गा पूजा पंडाल दिखाता है कि दुर्गा पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कलाकारों और कारीगरों को अपनी रचनात्मकता दिखाने का अवसर भी देती है।

थाईलैंड के अरुण मंदिर से प्रेरित वास्तुकला, शंख और सीप की सजावट तथा करीब 150 कारीगरों की मेहनत ने इस पंडाल को खास बना दिया है। दुर्गा पूजा 2026 के दौरान यह पंडाल कतरास ही नहीं, बल्कि धनबाद के आकर्षक पूजा स्थलों में अपनी अलग पहचान बना रहा है।

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