Tuesday, August 11, 2026

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का शेयर बाजार पर असर, सेंसेक्स 388 अंक टूटा; निफ्टी 24,500 से नीचे.

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मुंबई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक स्तर पर बढ़ी भू-राजनीतिक चिंताओं का असर मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। निवेशकों की बिकवाली और मुनाफावसूली के बीच सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ बंद हुए। कारोबार के अंत में निफ्टी 24,500 के स्तर से नीचे चला गया।

सेंसेक्स में करीब 400 अंकों की गिरावट

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स मंगलवार को 388.19 अंक यानी 0.49 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,154.25 अंक पर बंद हुआ। दिन के कारोबार के दौरान एक समय यह 494 अंक से ज्यादा फिसलकर 78,048.26 के स्तर तक पहुंच गया था।

इसी तरह एनएसई का निफ्टी 112.10 अंक यानी 0.46 प्रतिशत टूटकर 24,471.70 अंक पर बंद हुआ। सोमवार को सेंसेक्स में 43.27 अंकों की बढ़त दर्ज हुई थी, जबकि निफ्टी 13.15 अंक चढ़कर बंद हुआ था।

ब्रेंट क्रूड 2 फीसदी से ज्यादा चढ़ा

शेयर बाजार में दबाव की बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेजी रही। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड करीब 2.18 प्रतिशत बढ़कर 89.63 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में संभावित व्यवधान और अमेरिका-ईरान बातचीत को लेकर बनी अनिश्चितता ने तेल की कीमतों को प्रभावित किया। भारत अपनी जरूरत के लिए बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी से घरेलू महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।

इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा कमजोरी

सेंसेक्स में अल्ट्राटेक सीमेंट, एक्सिस बैंक, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस और पावर ग्रिड प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे।

सेक्टर के स्तर पर एफएमसीजी, रियल्टी और ऑटो शेयरों में बिकवाली का दबाव ज्यादा दिखाई दिया।

हालांकि बाजार में सभी शेयरों का प्रदर्शन कमजोर नहीं रहा। एटरनल, इंफोसिस, टाइटन, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टीसीएस के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। आईटी और फार्मा से जुड़े शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही।

महंगाई के आंकड़ों से पहले निवेशक सतर्क

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने एक बार फिर महंगाई से जुड़े जोखिमों को निवेशकों के सामने ला दिया है। बेहतर तिमाही नतीजों के बावजूद बाजार की धारणा पर इसका असर पड़ा।

उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के आगामी खुदरा महंगाई के आंकड़ों से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। वहीं, एचएसटी वेल्थ के सीईओ हरीशेलवन राधाकृष्णन के मुताबिक साप्ताहिक एफएंडओ एक्सपायरी से जुड़ी उतार-चढ़ाव की स्थिति ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया।

कुल मिलाकर, कच्चे तेल की तेजी, वैश्विक तनाव और महंगाई को लेकर चिंता ने मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार की कारोबारी धारणा कमजोर कर दी।

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