Expressway Speed Limit News 2026: एक्सप्रेस-वे पर तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों के चालान को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अधिकारियों को अहम निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि निर्धारित गति सीमा से 20 प्रतिशत तक अधिक रफ्तार होने पर चालान भेजने से पहले छूट दी जानी चाहिए। हालांकि, इसे गति सीमा में आधिकारिक बदलाव नहीं माना जाना चाहिए।
120 किमी प्रति घंटे की सीमा पर क्या बोले गडकरी?
हैदराबाद में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के ‘भारत के भविष्य के राजमार्ग’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में गडकरी ने यह बात कही।
उन्होंने बताया कि कुछ वाहन चालकों को तेज रफ्तार के कारण नोटिस मिल रहे हैं। इस पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार के लिए नोटिस नहीं भेजे जाएं।
गडकरी के मुताबिक, 120 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति पर भी 20 प्रतिशत तक की अतिरिक्त छूट देने की बात कही गई है। इस हिसाब से यदि किसी एक्सप्रेस-वे पर अधिकतम गति सीमा 120 किमी प्रति घंटा है, तो 144 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार पर चालान नहीं काटने का प्रस्तावित मार्जिन बनता है।
क्या अब 144 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चला सकते हैं गाड़ी?
इस निर्देश का अर्थ यह नहीं है कि एक्सप्रेस-वे पर वाहन चलाने की कानूनी गति सीमा बढ़ाकर 144 किमी प्रति घंटा कर दी गई है। जब तक सरकार की ओर से कोई औपचारिक नियम या अधिसूचना जारी नहीं होती, वाहन चालकों को संबंधित सड़क पर निर्धारित गति सीमा का ही पालन करना चाहिए।
इसलिए 20 प्रतिशत की छूट संबंधी बयान को गति सीमा में बदलाव समझना सही नहीं होगा।
खराब सड़क बनाने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई की चेतावनी
सम्मेलन के दौरान गडकरी ने खराब गुणवत्ता वाले राजमार्ग निर्माण और रखरखाव को लेकर ठेकेदारों तथा सलाहकारों को भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि लापरवाही सामने आने पर संबंधित एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। उन पर प्रतिबंध और आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि राजमार्गों पर मौजूद गड्ढों और अन्य खामियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
सोशल मीडिया पर सड़क की खामियां बताने की अपील
गडकरी ने आम लोगों से अपील की कि वे राजमार्गों पर गड्ढों और निर्माण संबंधी कमियों की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करें। उनके अनुसार, ऐसी शिकायतों से अधिकारियों को समस्याओं की पहचान करने और उन पर कार्रवाई करने में मदद मिलती है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि निगरानी के प्रयासों से राजमार्गों की गुणवत्ता से जुड़ी समस्याओं में 30 प्रतिशत की कमी आई है। सड़क परिवहन मंत्रालय और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) खामियों का पता लगाने के लिए नेटवर्क सर्वे वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
AI से होगी ट्रैफिक नियमों की निगरानी
गडकरी ने उद्योग जगत से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) विकसित करने की अपील की। इसका उद्देश्य राजमार्गों पर यातायात व्यवस्था और नियमों के पालन की निगरानी को बेहतर बनाना है।
ऐसी तकनीक से लेन नियमों के उल्लंघन, हेलमेट नहीं पहनने और सीटबेल्ट का इस्तेमाल नहीं करने जैसे मामलों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।
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