ईपीएफओ ने पेंशनभोगियों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया को सरल बनाया है। अब वे ईपीएफओ कार्यालय, बैंक, ‘निधि आपके निकट’ कार्यक्रम, या स्मार्टफोन एप (जीवन प्रमाण/उमंग) के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी का उपयोग करके इसे जमा कर सकते हैं।
पटना। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO Latest News) पेंशनभोगियों के जीवन को सुगम बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) जमा करने की प्रक्रिया को और सरल बनाया गया है।
अब पेंशनभोगी अपने निकटतम ईपीएफओ कार्यालय, बैंक या निधि आपके निकट कार्यक्रम में जाकर डीएलसी अद्यतन करा सकते हैं। ईपीएफओ के अनुसार, पेंशनभोगी स्वयं भी स्मार्टफोन के माध्यम से जीवन प्रमाण ऐप या उमंग एप का उपयोग कर फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी (एफएटी) के जरिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं।
इस प्रक्रिया में स्मार्टफोन कैमरे से चेहरे की स्कैनिंग कर पहचान सत्यापित की जाती है। यह प्रमाणीकरण भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के आधार डेटाबेस के माध्यम से किया जाता है, जिससे पेंशनभोगी घर बैठे ही डीएलसी जमा कर सकें।
हालांकि, जिन पेंशनभोगियों के पास स्मार्टफोन उपलब्ध नहीं है या वे बैंक अथवा ईपीएफओ कार्यालय नहीं जा सकते, उनके लिए ईपीएफओ ने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) के साथ समझौता किया है। इस पहल के तहत डाककर्मी/डाकसेवक उन पेंशनभोगियों के घर पहुंचेंगे, जिनका जीवन प्रमाण पत्र की वैधता समाप्त हो चुकी है, और बिना किसी शुल्क के उनका डीएलसी पंजीकृत करेंगे।
इस सेवा का पूरा खर्च ईपीएफओ द्वारा वहन किया जाएगा। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-1, पटना हेमन्त कुमार ने बताया कि पेंशनभोगी आईपीपीबी के ग्राहक सेवा नंबर 033-22029000 पर कॉल कर घर पर सेवा के लिए अनुरोध कर सकते हैं।
जीवन प्रमाण पत्र अद्यतन कराने के लिए आधार कार्ड, पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) की प्रति, बैंक खाते का विवरण तथा आधार से लिंक मोबाइल नंबर आवश्यक होगा।
ईपीएफओ ने पेंशनभोगियों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा न करें और समय रहते अपना जीवन प्रमाण पत्र अद्यतन करा लें। जीवन प्रमाण पत्र की वैधता एक वर्ष के लिए होती है। समय पर अद्यतन कराने से पेंशन भुगतान में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।


