ईरानी मीडिया के अनुसार उत्तर-पश्चिमी ईरान में ऑर्डनेंस क्लीयरेंस ऑपरेशन के दौरान हुए एक धमाके में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के 14 सदस्य मारे गए और दो अन्य घायल हो गए.
राज्य से जुड़ी फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि यह घटना जांजन प्रांत में हुई जब एक खास क्लीयरेंस मिशन के दौरान अचानक एक बम में धमाका हुआ. ये लोग उस यूनिट का हिस्सा थे जिसे इलाके में बचे हुए बमों को हटाने और बेअसर करने का काम सौंपा गया था, जिसके बारे में स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि इससे आम लोगों और खेती की जमीन को लगातार सुरक्षा का खतरा बना हुआ है. फार्स न्यूज एजेंसी ने कहा कि बिना फटे बमों की मौजूदगी के कारण इलाके में लगभग 1,200 हेक्टेयर खेती की जमीन खतरे में है.
इससे पहले गुरुवार को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि ट्रंप प्रशासन दुनिया की ऊर्जा का प्रबंधन करने की रणनीति से विघटन की ओर बढ़ चला है. ईरान अब इसके खिलाफ गठबंधन का केंद्र बन गया है. आईआरजीसी ने कहा कि विघटन प्रोजेक्ट अमेरिका ने चीन, रूस और यूरोप को कंट्रोल करने के लिए शुरू किया था.
एक्स पर एक पोस्ट में आईआरजीसी ने कहा, ‘ट्रंप प्रशासन चीन, रूस और यूरोप को कंट्रोल करने के बड़े हिस्से के तौर पर समुद्री ब्लॉकेड शुरू किया लेकिन 20 दिनों के बाद, व्हाइट हाउस में यह आकलन गहरा रहा है कि प्रोजेक्ट फेल हो गया है और तेहरान इसका केंद्र बन गया है.’
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (लोकल टाइम) को ईरान के नए प्रस्ताव पर नाराजगी जताई. इसका मकसद चल रहे झगड़े को खत्म करना है, साथ ही इस बात पर भी शक जताया कि क्या कोई आखिरी समझौता हो पाएगा. व्हाइट हाउस में रिपोर्टर्स से बात करते हुए, ट्रंप ने कहा, ‘वे एक डील करना चाहते हैं, लेकिन मैं इससे खुश नहीं हूँ, इसलिए देखते हैं क्या होता है.’
उन्होंने प्रस्ताव की उन खास बातों के बारे में डिटेल में नहीं बताया जो उन्हें नामंजूर लगी, लेकिन तेहरान के आखिरकार समझौते के लिए राजी होने पर पक्का नहीं होने का इशारा किया. व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में ट्रंप ने कहा, ‘उन्होंने तरक्की की है, लेकिन मुझे पक्का नहीं है कि वे कभी वहाँ पहुँच पाएँगे या नहीं.’
ट्रंप ने ईरान की लीडरशिप के अंदर की फूट की ओर भी इशारा किया, यह इशारा करते हुए कि फूट बातचीत के प्रोसेस पर असर डाल सकती है. उन्होंने आगे कहा, ‘लीडरशिप बहुत बिखरी हुई है. इसमें दो से तीन ग्रुप हैं, शायद चार, और यह बहुत बिखरी हुई लीडरशिप है और ऐसा कहने के बाद वे सभी एक डील करना चाहते हैं, लेकिन वे सब गड़बड़ में हैं.’
उनकी यह बात ईरान के अपना नया प्रपोजल पेश करने के बाद आई है, जिसका मकसद अमेरिका के साथ चल रहे पश्चिम एशिया युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत को आगे बढ़ाना है. यह वॉशिंगटन द्वारा युद्ध को खत्म करने के मकसद से एक ड्राफ्ट प्लान में हाल ही में किए गए बदलावों के जवाब में है.


