मुंबई: भारतीय शेयर बाजारों में मंगलवार को उतार-चढ़ाव के बाद मजबूती दर्ज की गई. आईटी, मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में जोरदार खरीदारी के दम पर घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए. हालांकि, भारत और अमेरिका के बीच शुरू हो रही महत्वपूर्ण व्यापार वार्ता से पहले निवेशक थोड़े सतर्क नजर आए.
कारोबार के अंत में, निफ्टी 100.95 अंक (0.43 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 23,483.55 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, सेंसेक्स 382.50 अंक (0.52 प्रतिशत) उछलकर 74,649.84 के स्तर पर बंद हुआ
विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए 23,500 से 23,550 का स्तर महत्वपूर्ण तात्कालिक रेजिस्टेंस जोन है. यदि बाजार इसे पार करके टिका रहता है, तो निफ्टी 23,750 से 23,800 के स्तर की तरफ बढ़ सकता है. इसके विपरीत, गिरावट आने पर 23,300 से 23,250 का क्षेत्र बाजार के लिए मजबूत सपोर्ट के रूप में काम करेगा.
चढ़ने और गिरने वाले टॉप शेयर्स
बाजार को आज सबसे ज्यादा सहारा दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में आई भारी लिवाली से मिला. टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, और एचसीएल टेक्नोलॉजीज टॉप गेनर्स रहे. इनके अलावा अडानी पोर्ट्स और टेक महिंद्रा में भी अच्छी बढ़त देखी गई. दूसरी तरफ, मुनाफावसूली के कारण एनटीपीसी (NTPC) में सबसे ज्यादा गिरावट आई. इसके अलावा एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड, बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व भी नुकसान उठाने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे.
सेक्टोरल और ब्रॉडर मार्केट का हाल
ब्रॉडर मार्केट्स में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.18 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए. सेक्टरवार प्रदर्शन में निफ्टी आईटी इंडेक्स ने बाजार की अगुवाई की. इसके साथ ही कंज्यूमर ड्यूरेबल, ऑटो और एफएमसीजी इंडेक्स ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर दबाव में रहे.
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर फोकस
अमेरिकी सहायक व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल भारतीय अधिकारियों के साथ नई दिल्ली में तीन दिवसीय बैठक कर रहा है. इस वार्ता का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार समझौते की पहली किस्त को अंतिम रूप देना है. तिमाही नतीजों का सीजन समाप्त होने के बाद, अब निवेशकों का ध्यान मानसून की प्रगति, महंगाई और आगामी आरबीआई नीति पर केंद्रित हो गया है.


