रामगढ़: हिंदी दिवस के अवसर पर सोमवार को प्रेस क्लब रामगढ़ परिसर में पत्रकार संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में जिले के पत्रकारों ने हिंदी भाषा के महत्व, पत्रकारिता में उसके उपयोग, बदलते मीडिया परिदृश्य और पत्रकारों की जिम्मेदारियों को लेकर विचार साझा किए।
संगोष्ठी में प्रेस क्लब के अध्यक्ष धनेश्वर प्रसाद, उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार बबलू, सचिव धर्मेंद्र पटेल, कोषाध्यक्ष दुर्वेज आलम, सह सचिव दिलीप सिंह समेत कई वरिष्ठ पत्रकार मौजूद रहे।
पत्रकारिता में भाषा और तथ्यों की शुद्धता जरूरी
प्रेस क्लब अध्यक्ष धनेश्वर प्रसाद ने कहा कि हिंदी भारतीय संस्कृति और सामाजिक भावनाओं से गहराई से जुड़ी भाषा है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को समाचार लेखन में सहज, स्पष्ट और शुद्ध हिंदी का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि आम पाठकों तक खबर प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
उन्होंने पत्रकारिता की विश्वसनीयता के लिए भाषा के साथ तथ्यों की शुद्धता को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, समाज की समस्याओं और लोगों की आवाज को मजबूती से सामने रखना पत्रकारों की अहम जिम्मेदारी है।
ग्रामीण मुद्दों को सामने लाने में हिंदी की भूमिका
उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार बबलू ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने मीडिया और आम जनता के बीच संवाद को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण तथा दूरदराज के इलाकों से जुड़े मुद्दों को हिंदी के माध्यम से व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंचाया जा सकता है।
उन्होंने पत्रकारों से हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के साथ युवा पीढ़ी को भी भाषा के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
डिजिटल मीडिया के दौर में बढ़ी जिम्मेदारी
सचिव धर्मेंद्र पटेल ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के विस्तार से पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। ऐसे समय में पत्रकारों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने समाचारों में भाषा की मर्यादा, निष्पक्षता और तथ्यात्मकता बनाए रखने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल सूचना देना नहीं, बल्कि जनहित से जुड़े विषयों को सामने लाना और समाज को सही दिशा में सोचने में मदद करना भी है।
कोषाध्यक्ष दुर्वेज आलम ने कहा कि हिंदी दिवस भाषा के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी का अवसर है। प्रभावी और सरल हिंदी समाचारों को पाठकों के लिए अधिक सहज बनाती है। उन्होंने कहा कि प्रेस क्लब पत्रकारों के हितों के साथ हिंदी और पत्रकारिता की गरिमा को मजबूत करने के लिए भी प्रयासरत रहेगा।
युवा पत्रकारों से तथ्यों की पुष्टि की अपील
संगोष्ठी में वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा कि बदलती तकनीक और सोशल मीडिया के बावजूद हिंदी पत्रकारिता की प्रासंगिकता कायम है। उन्होंने युवा पत्रकारों से भाषा का नियमित अध्ययन करने, खबर प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि करने और पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों का पालन करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान पत्रकारिता में हिंदी की भूमिका, मीडिया में आ रहे बदलाव, समाचारों की विश्वसनीयता और पत्रकारों की जिम्मेदारियों समेत कई विषयों पर चर्चा हुई। उपस्थित पत्रकारों ने हिंदी भाषा के सम्मान और पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम में प्रेस क्लब के पूर्व सचिव योगेंद्र सिन्हा, पूर्व कोषाध्यक्ष तरुण बागी, पूर्व सह सचिव नारायण दत्त व्यास, अशोक मेहता, उमेश सिन्हा, कार्तिक कुमार, मोहम्मद वालीउल्लाह, कार्यकारिणी सदस्य रितेश कश्यप, अमित पाठक, सुरेंद्र सिंह और रामगढ़ बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष धनंजय कुमार पुटुस समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।
