सिमडेगा: जिले में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पीडीजे) राजीव कुमार सिन्हा, उपायुक्त कंचन सिंह, एसपी श्रीकांत एस खोटरे, एडीजे नरंजन सिंह और आपात समाहर्ता गिरजा शंकर महतो ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। लोक अदालत में मामलों के त्वरित और सुलभ समाधान की उम्मीद में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
सात बेंच में मामलों की सुनवाई
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान सात बैचों के माध्यम से छह हजार से अधिक मामलों के निष्पादन का लक्ष्य रखा गया है। आपसी सहमति और समझौते के आधार पर मामलों के निपटारे को प्राथमिकता दी गई।
पीडीजे राजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि लोक अदालत लोगों को कम खर्च में सरल और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम है। उनके अनुसार, इसके जरिए ग्रामीणों को न्याय मिलने के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ हासिल करने में भी सुविधा हो रही है।
आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए मददगार
सिमडेगा जैसे आदिवासी बहुल जिले में आर्थिक कठिनाइयों और कानूनी जानकारी की कमी के कारण कई लोग छोटे मामलों में भी लंबे समय तक न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े रहते हैं। ऐसे लोगों के लिए लोक अदालत को राहत का माध्यम बताया गया।
लोक अदालत में मामलों के निपटारे के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता है। यहां समझौते के आधार पर होने वाला फैसला अंतिम माना जाता है और उसके खिलाफ सामान्य तौर पर आगे अपील का प्रावधान नहीं होता।
प्रशासन ने भी सहयोग की बात कही
उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन न्यायिक व्यवस्था के साथ समन्वय कर लोगों को सुलभ न्याय दिलाने के प्रयास में सहयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही पात्र लोगों तक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने लोक अदालत को जिले के लोगों के लिए उपयोगी पहल बताया।
न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में डालसा सचिव मरियम हेमरोम, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव समेत न्यायपालिका तथा जिला प्रशासन से जुड़े कई अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे। लोक अदालत के आयोजन से लोगों को अपने मामलों का समझौते के जरिए शीघ्र समाधान मिलने की उम्मीद रही।
