मुंबई: वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। मंगलवार को घरेलू बाजार में लगातार छठे कारोबारी सत्र गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान निवेशकों के बीच बिकवाली का दबाव बना रहा, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों कमजोर होकर बंद हुए।
सेंसेक्स और निफ्टी का हाल
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 492.70 अंक यानी 0.63% की गिरावट के साथ 77,235.46 अंक पर बंद हुआ। दिन के दौरान सेंसेक्स 77,234.36 के स्तर तक फिसल गया था।
वहीं, एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स 132.75 अंक यानी 0.55% टूटकर 24,154.90 अंक पर बंद हुआ। लगातार छह कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
पश्चिम एशिया के तनाव से बढ़ी चिंता
बाजार में कमजोरी की एक बड़ी वजह पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव को माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव तथा संघर्ष विराम को लेकर अनिश्चितता के कारण वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ी है।
इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा है। ब्रेंट क्रूड करीब 91.02 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने से देश की अर्थव्यवस्था और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बनी दबाव की वजह
अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में बढ़ोतरी ने भी उभरते बाजारों के प्रति निवेशकों के रुख को प्रभावित किया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने पिछले कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार में 2,535.10 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की थी।
महंगे तेल और विदेशी पूंजी की निकासी को बाजार में कमजोरी के प्रमुख कारणों में गिना जा रहा है।
IT और पेंट शेयरों पर दबाव
मंगलवार के कारोबार में आईटी और पेंट कंपनियों के शेयरों में खास दबाव देखने को मिला। ऊंची ब्याज दरों की आशंका और कच्चे माल की बढ़ती लागत ने निवेशकों की धारणा प्रभावित की।
सेंसेक्स में एशियन पेंट्स, इन्फोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, भारती एयरटेल, टीसीएस और हिंदुस्तान यूनिलीवर कमजोर होकर बंद हुए।
हालांकि, कुछ प्रमुख शेयरों ने बाजार की गिरावट के बीच बेहतर प्रदर्शन किया। एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज फाइनेंस बढ़त के साथ बंद होने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे।
कुल मिलाकर, वैश्विक तनाव, महंगे कच्चे तेल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने मंगलवार को भारतीय बाजार की धारणा पर दबाव बनाए रखा।
