मुंबई: भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को कमजोर रुख के साथ कारोबार की शुरुआत की। वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेत, मध्य पूर्व में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती का असर घरेलू बाजार पर दिखाई दिया। इसके अलावा निफ्टी-50 की मासिक एक्सपायरी को लेकर निवेशकों की सतर्कता ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 223 अंक यानी 0.28% गिरकर 77,146 के आसपास पहुंच गया। वहीं निफ्टी 90 अंक यानी 0.37% की गिरावट के साथ 24,128 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
मेटल और आईटी शेयरों पर दबाव
शुरुआती कारोबार में ज्यादातर प्रमुख सेक्टर्स में कमजोरी देखने को मिली। मेटल इंडेक्स करीब 0.48% नीचे रहा। इसके अलावा ऑयल एंड गैस में 0.40%, आईटी में 0.37%, ऑटो में 0.32% और रियल्टी शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि, बाजार में कुछ सेक्टर्स ने खरीदारी का सहारा लिया। मीडिया, पीएसयू बैंक और केमिकल कंपनियों के शेयरों में निचले स्तरों पर खरीदारी देखने को मिली और इन सेक्टर्स में करीब 0.6% तक की मजबूती रही।
निफ्टी के लिए अहम स्तर
बाजार विशेषज्ञों की नजर फिलहाल निफ्टी के प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर बनी हुई है। जानकारों के अनुसार 24,100 से 24,500 के बीच का दायरा बाजार के लिए महत्वपूर्ण है।
यदि निफ्टी 24,200 या 24,144 के आसपास के सपोर्ट को बनाए रखने में सफल नहीं रहता है, तो इसमें आगे कमजोरी आ सकती है। ऐसी स्थिति में 24,060 और उसके बाद 23,575 के स्तर महत्वपूर्ण हो सकते हैं। वहीं, तेजी की स्थिति में 24,400 के आसपास का स्तर प्रमुख रेजिस्टेंस के तौर पर देखा जा रहा है।
FII-DII की खरीदारी से बाजार को सहारा
संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां घरेलू बाजार के लिए फिलहाल राहत देने वाली हैं। पिछले कारोबारी सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने करीब ₹1,181 करोड़ की खरीदारी की।
इसी अवधि में घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने भी लगभग ₹2,493 करोड़ के शेयर खरीदे। यह लगातार दसवां कारोबारी सत्र रहा, जब DIIs ने बाजार में खरीदारी की। संस्थागत निवेशकों की यह खरीदारी बाजार में गिरावट को सीमित करने में मदद कर रही है।
फिलहाल निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और निफ्टी की एक्सपायरी से जुड़ी गतिविधियों पर बनी हुई है।
