मुंबई : सोमवार को शुरुआती कारोबार में शेयर बाजारों में भारी गिरावट आई, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया युद्ध को समाप्त करने के लिए शांति समझौता नहीं हो पाया. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नवीनतम अमेरिकी शांति प्रस्ताव पर दी गई प्रतिक्रिया को ‘पूरी तरह अस्वीकार्य’ बताया है, जिससे तत्काल राजनयिक सफलता की उम्मीदें धूमिल हो गई हैं. शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 845.68 अंक गिरकर 76,482.51 पर आ गया. 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 237.90 अंक गिरकर 23,936.85 पर पहुंच गया.
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से टाइटन, इंटरग्लोब एविएशन, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इटरनल, भारती एयरटेल और महिंद्रा एंड महिंद्रा सबसे अधिक प्रभावित शेयरों में शामिल थीं.एनटीपीसी और एचसीएल टेक एकमात्र ऐसे शेयर थे जिनमें बढ़त दर्ज की गई.
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 4.32 प्रतिशत बढ़कर 105.7 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ-टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा, “डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के नवीनतम अमेरिकी शांति प्रस्ताव पर दी गई प्रतिक्रिया को ‘पूरी तरह अस्वीकार्य’ बताकर खारिज करने के बाद नई चिंताएं उभर आई हैं, जिससे तत्काल राजनयिक सफलता की उम्मीदें धूमिल हो गई हैं. इस घटनाक्रम ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में आपूर्ति व्यवधान के व्यापक जोखिमों को चर्चा में ला दिया है.”
सोमवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 139 पैसे गिरकर 94.90 पर आ गया. यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया को खारिज करने के बाद हुई. इसके बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से उछाल आया.
विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, मजबूत होते अमेरिकी डॉलर और विदेशी मुद्रा निवेशकों (एफपीआई) की भारी निकासी ने स्थानीय मुद्रा पर और दबाव डाला. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.97 पर खुला और फिर मामूली बढ़त के साथ 94.90 पर बंद हुआ. यह पिछले बंद भाव से 139 पैसे की भारी गिरावट है.
गत शुक्रवार को रुपये ने अपनी गिरावट को कुछ हद तक कम किया और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 71 पैसे की मजबूत बढ़त के साथ 93.51 पर बंद हुआ. ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार को बताया कि ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के माध्यम से नवीनतम अमेरिकी युद्धविराम प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया भेजी है और चाहता है कि बातचीत का ध्यान युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने पर केंद्रित हो.
ट्रंप ने महीनों से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के ईरान के प्रस्ताव को “पूरी तरह से अस्वीकार्य” बताते हुए खारिज कर दिया, हालांकि उन्होंने इसके बारे में कोई विवरण साझा नहीं किया, जबकि एक प्रमुख रिपब्लिकन नेता ने उनसे “सैन्य विकल्प” पर विचार करने का आग्रह किया.
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुक्रवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने 4,110.60 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे.


