बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शराबबंदी को लेकर सरकार का पक्ष दोहराते हुए कहा कि इस फैसले से राज्य को राजस्व का नुकसान जरूर हुआ, लेकिन इसके सामाजिक फायदे काफी महत्वपूर्ण रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि शराबबंदी के बाद महिलाओं की स्थिति में सुधार हुआ है और परिवारों में होने वाले विवादों व घरेलू हिंसा के मामलों में कमी आई है।
मुख्यमंत्री ने यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशामुक्ति अभियान से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान दिया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहकर बिहार को नशामुक्त बनाने में सहयोग करें।
सामाजिक बदलाव को प्राथमिकता दी गई: सीएम
सम्राट चौधरी ने कहा कि कई राज्यों की अर्थव्यवस्था में शराब से मिलने वाला राजस्व एक बड़ा हिस्सा होता है, लेकिन बिहार ने सामाजिक हित को ध्यान में रखते हुए इस आय को छोड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में जब राज्य की आर्थिक स्थिति मौजूदा स्तर जैसी मजबूत नहीं थी, तब भी शराबबंदी लागू करने का फैसला लिया गया था।
उन्होंने कहा कि इस नीति का उद्देश्य केवल शराब की बिक्री रोकना नहीं था, बल्कि परिवारों और समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को कम करना भी था।
महिलाओं की मांग पर लिया गया था फैसला
मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी लागू करने के पीछे महिलाओं की अहम भूमिका रही। उन्होंने बताया कि शराब के कारण परिवारों में आर्थिक परेशानी, तनाव और विवाद जैसी समस्याएं बढ़ती थीं, जिनका सबसे अधिक असर महिलाओं पर पड़ता था।
उनके अनुसार, शराबबंदी के बाद कई परिवारों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं।
दूसरे राज्यों में जाने वालों का किया जिक्र
सम्राट चौधरी ने माना कि कुछ लोग शराब के सेवन के लिए बिहार से बाहर के राज्यों में जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों के कुछ इलाकों में बिहार के लोगों के जाने की जानकारी सामने आती रही है, लेकिन लंबे समय में सामाजिक सोच में बदलाव आएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि समाज और सरकार मिलकर प्रयास करें तो नशामुक्त बिहार का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
युवाओं से नशे के खिलाफ आगे आने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को प्रभावित नहीं करता, बल्कि पूरे परिवार और समाज पर इसका असर पड़ता है। उन्होंने युवाओं से जागरूकता अभियानों में भाग लेने और नशे के खिलाफ लोगों को प्रेरित करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि बिहार का इतिहास गौरवशाली रहा है और राज्य दोबारा विकास के नए दौर में आगे बढ़ सकता है, अगर युवा सकारात्मक दिशा में काम करें।
बिहार की चुनौतियों पर भी बोले सीएम
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बिहार की कुछ प्रमुख चुनौतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य लंबे समय से नेपाल से आने वाली बाढ़ और बढ़ती आबादी जैसी समस्याओं का सामना कर रहा है।
उन्होंने दावा किया कि केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से बाढ़ नियंत्रण की दिशा में काम हुआ है। साथ ही उन्होंने कहा कि बड़ी आबादी अब राज्य के लिए आर्थिक अवसर भी बन सकती है।
शराबबंदी जारी रखने का संकेत
बिहार में शराबबंदी लंबे समय से राजनीतिक बहस का मुद्दा रही है। जहां सरकार इसे सामाजिक सुधार का कदम बताती है, वहीं विपक्ष इसके लागू होने के तरीके पर सवाल उठाता रहा है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि सरकार शराबबंदी की नीति को आगे भी जारी रखेगी और इसे सफल बनाने के लिए समाज की भागीदारी को जरूरी बताया।
