उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बिहार के सभी 264 नगर निकायों में सरकारी जमीन कब्जाने वाले माफिया पर नकेल कसने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के तहत बड़ी आउटसोर्सिंग कंपनियों का एकाधिकार खत्म कर छोटी कंपनियों को शामिल करने को कहा। सिन्हा ने अधिकारियों को गुजरात, महाराष्ट्र, यूपी और एमपी के स्वच्छता मॉडल का अध्ययन कर बिहार में लागू करने के निर्देश भी दिए।
पटना। राज्य के सभी 264 नगर निकायों में सरकारी जमीन कब्जा करने वाले माफिया पर नकेल कसी जाएगी। इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत काम रही बड़ी आउटसोर्सिंग कंपनियों का एकाधिकार खत्म किया जाएगा। इनकी जगह छोटी-छोटी कंपनियों को जोड़ा जाएगा।
उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बुधवार को स्वच्छ भारत मिशन के तहत चल रही योजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को यह दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि हमें कई नगर निगम और अन्य नगर निकायों में सक्रिय माफियाओं की शिकायत मिली है कि उन्होंने बड़े पैमाने पर सरकारी जमीन पर अपना कब्जा जमा रखा है। ऐसे लोगों पर चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
डिप्टी सीएम ने कहा कि अधिकारियों को राज्य के सभी नगर निकायों से जारी किये जाने वाले टेंडर में एनजीओ, नन प्राफिट कंपनियों के साथ छोटी कंपनियों को भी शामिल करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि बड़ी कंपनियां अपने साथ काम करने वाले सफाई कर्मियों का शोषण करती हैं और काम का उचित भुगतान भी नहीं करती। यदि छोटी कंपनियों को नगर निकायों द्वारा जारी किये जाने वाले टेंडर में शामिल किया जाता है तो इससे उनके कामकाज में एक स्वस्थ्य प्रतियोगिता होगी और स्वच्छता को लेकर कई बड़े बदलाव दिखने लगेंगे।
उन्होंने कहा कि सभी नगर निकायों से आउटसोर्सिंग कंपनियों का ब्योरा भी तलब किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत भी रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे।
गुजरात, महाराष्ट्र, यूपी और एमपी के स्वच्छता मॉडल का होगा अध्ययन:
बिहार में सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए भाजपा शासित राज्यों के स्वच्छता माडल का अध्ययन किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों से गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के स्वच्छता मॉडल का अध्ययन करने तथा उनमें जो बिहार के लिए उपयोगी हों, उन्हें लागू करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने विभाग के अधिकारियों से स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता अभियान में लगी सभी कंपनियों का ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा है। समीक्षा बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, अपर सचिव विजय प्रकाश मीणा और मनोज कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।


