पटना। विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन ग्रामीण (वीबी- जीरामजी) योजना में रोजगार के लिए श्रमिकों को नए सिरे से निबंधन (रजिस्ट्रेशन) कराना होगा। बगैर निबंधन श्रमिकों को रोजगार नहीं मिलेगा।
- वर्तमान में निबंधित श्रमिकों की संख्या 2.57 करोड़ है, लेकिन इसमें आधार सीडिंग 1.15 करोड़ श्रमिकों का ही है। ऐसे में 1.42 करोड़ श्रमिकों के रोजगार से वंचित होने की आशंका है।
- सरकार ने योजना में निबंधन अनिवार्य कर दिया है। अब मनरेगा के निबंधन से काम नहीं चलेगा। 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाला अकुशल व्यक्ति वीबी- जीरामजी में रोजगार के लिए पंचायत में आवेदन कर सकता है। पंचायत से निबंधन के उपरांत ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी किया जाएगा।
- ग्राम पंचायतों को मजदूरी आवेदन के 15 दिनों के अंदर रोजगार गारंटी कार्ड देना होगा। कार्ड तीन वर्ष के लिए मान्य होगा। उसके उपरांत उचित सत्यापन के बाद ही नवीनीकृत किया जाएगा। कार्ड रद करने में भी मनमानी नहीं चलेगी। इसके लिए विस्तृत प्रविधान किया गया है।
निबंधन के उपरांत संबंधित श्रमिक को वित्तीय वर्ष में योजना के तहत 125 दिन गारंटीकृत रोजगार सरकार प्रदान करेगी। दैनिक मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर या किसी भी परिस्थिति में कार्य किए जाने की तिथि से पक्ष के भीतर किया जाएगा।
- रोजगार के लिए आवेदन मौखिक या लिखित रूप से वार्ड सदस्य, ग्राम पंचायत कार्यक्रम पदाधिकारी या सरकार द्वारा प्राधिकृत डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से कर सकते हैं। साथ कार्य के लिए आवेदन व्यक्तिगत रूप से या सामूहिक रूप से दाखिल किए जा सकेंगे।
- योजना में यथासंभव श्रमिक को रोजगार पांच किलो मीटर के परिधि के भीतर प्रदान किया जाएगा। यदि पांच किमी से दूर दिया जाता है तो उसके लिए अतिरिक्त परिवहन तथा आवास संबंधित व्यय की पूर्ति मजदूरी दर का दस प्रतिशत अतिरिक्त मजदूरी के रूप में दिया जाएगा।
रोजगार देने में महिलाओं को प्राथमिकता देने का प्रविधान किया गया है। इसके साथ दिव्यांग व्यक्तियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। जिन आवेदकों को कार्य प्रदान किया जाएगा उन्हें इसकी सूचना लिखित रूप से दी जाएगी।
साथ ही ग्राम पंचायत के कार्यालय में प्रदर्शित सार्वजिनक सूचना के माध्यम से। साथ ही जिन व्यिक्तियों को कार्य प्रदान किया जाएगा उनकी सूची भी सूचना पट्ट पर, कार्यक्रम पदाधिकारी के कार्यालय में प्रदर्शित होगा।


