Wednesday, November 4, 2026

रांची में ABVP की छात्र गर्जना, ‘अराजकता रोको-लोकतंत्र बचाओ’ के नारे के साथ किया प्रदर्शन

Share

Ranchi News | 3 नवंबर 2026: देश की संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने मंगलवार को रांची में ‘छात्र गर्जना’ कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान संगठन ने ‘अराजकता रोको, लोकतंत्र बचाओ’ का नारा देते हुए विभिन्न राजनीतिक गतिविधियों और विरोध-प्रदर्शनों पर अपनी आपत्ति जताई। कार्यक्रम में झारखंड के अलग-अलग जिलों से विद्यार्थी और परिषद के कार्यकर्ता शामिल हुए।

संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान का मुद्दा उठाया

कार्यक्रम के दौरान ABVP कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतों की गतिविधियों से देश की संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा और लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास हो रहा है। संगठन ने दिल्ली में कांग्रेस की रैली और विभिन्न राजनीतिक दलों के धरना-प्रदर्शनों का भी विरोध किया।

परिषद के कार्यकर्ताओं का कहना था कि लोकतांत्रिक मूल्यों और देश की एकता को बनाए रखने के लिए ऐसे मुद्दों पर युवाओं को अपनी आवाज उठानी चाहिए।

युवाओं को जागरूक करने के लिए आयोजित हुआ कार्यक्रम

ABVP की केंद्रीय कार्य समिति की सदस्य दिशा दित्ता ने कहा कि विद्यार्थी परिषद देश को जोड़ने और राष्ट्रहित में काम करने वाला संगठन है। उनके मुताबिक, पिछले कुछ समय से देश में अराजक माहौल बनाने की कोशिशें की जा रही हैं। संगठन ऐसे प्रयासों का विरोध करेगा।

उन्होंने बताया कि ‘छात्र गर्जना’ कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान के प्रति जागरूक करना है।

छात्र हितों के साथ राष्ट्रीय मुद्दों पर भी सक्रियता

दिशा दित्ता ने कहा कि विद्यार्थी परिषद की भूमिका केवल छात्र हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठन राष्ट्रीय विषयों पर भी अपनी जिम्मेदारी निभाता है। उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने और लोकतंत्र को मजबूत करने को सभी नागरिकों की जिम्मेदारी बताया।

देश की एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर

कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थियों और कार्यकर्ताओं ने संगठन के समर्थन में भागीदारी की। ABVP ने आयोजन के जरिए युवाओं से राष्ट्रीय मुद्दों पर जागरूक रहने और एकजुट होकर अपनी बात रखने की अपील की।

संगठन ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और देश की एकता का सम्मान बनाए रखना भी जरूरी है।


Bharat Superfast News | Ranchi Desk

Read more

Local News