रांची/खूंटी: झारखंड में गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए पुलिस की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में खूंटी पुलिस ने ‘मिशन मुस्कान’ के तहत बरामद मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे। वहीं, रांची के लालपुर थाना क्षेत्र में भी ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत मोबाइल फोन बरामद कर लोगों को लौटाए गए।
कई लोगों को लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिला। किसी का फोन करीब 10 महीने बाद बरामद हुआ, तो किसी को लगभग 20 महीने के इंतजार के बाद मोबाइल मिला। अपना खोया फोन वापस मिलने पर लोगों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी।
खूंटी पुलिस ने अब तक बरामद किए करीब 200 मोबाइल
खूंटी के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग के अनुसार, मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक के निर्देशों के तहत जिले में गुम और चोरी हुए मोबाइल की तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
एसपी ने बताया कि उनके पदभार संभालने के बाद से पुलिस की तकनीकी टीम करीब 200 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप चुकी है। हाल ही में आयोजित कार्यक्रम ‘मिशन मुस्कान’ का पांचवां चरण था।
इस अभियान के तहत बाजार, साप्ताहिक हाट, दुकानों और यात्रा के दौरान खोए या कहीं छूट गए मोबाइल फोन की तलाश तकनीकी सहायता से की जाती है। पुलिस का प्रयास है कि बरामद फोन सही व्यक्ति तक पहुंचाए जा सकें।
मोबाइल में होती हैं निजी जानकारियां, खोने से बढ़ती है परेशानी
एसपी ऋषभ गर्ग ने कहा कि आज मोबाइल फोन केवल बातचीत करने का साधन नहीं है। इसमें लोगों की निजी तस्वीरें, जरूरी दस्तावेज, बैंकिंग से संबंधित जानकारियां और अन्य महत्वपूर्ण डेटा मौजूद रहता है।
ऐसे में मोबाइल खो जाने पर लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी भी हो सकती है। लंबे समय बाद फोन वापस मिलने से लोगों को राहत मिलती है। पुलिस के मुताबिक, लोगों की मदद करने और उनके खोए सामान को वापस दिलाने का प्रयास आगे भी जारी रहेगा।
रांची में 22 मोबाइल बरामद, 18 मालिकों को सौंपे
रांची के लालपुर थाना क्षेत्र में भी ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत मोबाइल बरामदगी की कार्रवाई की गई। पुलिस ने अभियान के दौरान 22 मोबाइल फोन जब्त किए, जिनमें से 18 उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए।
पुलिस के अनुसार, बाकी चार मोबाइल फोन के मालिकों से संपर्क किया गया है। उनके थाने पहुंचने पर आवश्यक सत्यापन के बाद फोन सौंपे जाने की बात कही गई है।
लालपुर थाना प्रभारी रूपेश सिंह ने बताया कि मोबाइल फोन की तलाश में तकनीकी माध्यमों की सहायता ली जा रही है। पुलिस का उद्देश्य गुम और चोरी हुए मोबाइल बरामद कर संबंधित लोगों तक पहुंचाना है।
तकनीकी मदद से मोबाइल तक पहुंचती है पुलिस
पुलिस के अनुसार, मोबाइल गुम होने की शिकायत मिलने के बाद उससे संबंधित जानकारी दर्ज की जाती है। तकनीकी प्रणाली की मदद से मोबाइल के इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी मिलने पर उसकी तलाश में सहायता मिल सकती है। इसके आधार पर पुलिस जांच आगे बढ़ाती है और फोन बरामद करने का प्रयास करती है।
रांची के लालपुर थाना के अलावा अन्य थाना क्षेत्रों में भी मोबाइल बरामदगी के लिए अभियान चलाए जाने की जानकारी दी गई है।
मोबाइल खो जाए तो क्या करें?
मोबाइल फोन गुम होने पर पुलिस को जल्द सूचना देना जरूरी है। इसके लिए कुछ जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं:
- थाने में शिकायत दर्ज कराएं: नजदीकी पुलिस थाने में लिखित आवेदन दें और मोबाइल का मॉडल, नंबर तथा उपलब्ध पहचान संबंधी जानकारी साझा करें।
- संचार साथी पोर्टल का उपयोग करें: मोबाइल को ब्लॉक करने और उसकी स्थिति से संबंधित प्रक्रिया के लिए केंद्र सरकार के आधिकारिक संचार साथी पोर्टल पर जानकारी प्राप्त करें।
- सिम और बैंकिंग सुरक्षा पर ध्यान दें: मोबाइल खोने के बाद अपने मोबाइल ऑपरेटर से सिम बंद या बदलवाने की प्रक्रिया पूछें। जरूरत के अनुसार बैंक और डिजिटल भुगतान सेवाओं को भी सुरक्षित करें।
- शिकायत की जानकारी संभालकर रखें: पुलिस शिकायत की रसीद या संदर्भ संख्या सुरक्षित रखें, ताकि आगे की कार्रवाई में इसका उपयोग किया जा सके।
आगे भी जारी रहेगा मोबाइल बरामदगी अभियान
खूंटी और रांची पुलिस की ओर से गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए अभियान जारी रखने की बात कही गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल खोने पर शिकायत दर्ज कराने में देरी न करें।
पुलिस की इस पहल से उन लोगों को राहत मिल रही है, जो लंबे समय से अपने मोबाइल फोन वापस मिलने का इंतजार कर रहे थे।
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