Monday, June 29, 2026

यूएस-ईरान तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार 24,061 पर सपाट खुला; फार्मा शेयरों में तेजी रही जबकि आईटी-ऑटो सेक्टर में गिरावट दर्ज की गई

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मुंबई: वैश्विक बाजारों से मिल रहे मिश्रित संकेतों और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बेहद सुस्त और सपाट रही. तीन दिनों के लंबे वीकेंड के बाद खुले बाजार में निवेशक फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं. खाड़ी क्षेत्र में तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव की वजह से बाजार में सतर्कता का माहौल है.

कारोबार की शुरुआत में सुबह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 महज 5.75 अंक (0.02 प्रतिशत) की मामूली बढ़त के साथ 24,061.75 के स्तर पर खुला. वहीं, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स 45.26 अंक (0.06 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 77,055.21 के स्तर पर खुला.

फार्मा और हेल्थकेयर में तेजी, आईटी पर दबाव
बाजार में आज मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है. सेक्टोरल परफॉर्मेंस की बात करें तो हेल्थकेयर और फार्मास्युटिकल सेक्टर में अच्छी खरीदारी देखी जा रही है. निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स 0.53 प्रतिशत और निफ्टी फार्मा इंडेक्स 0.52 प्रतिशत की तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं. इसके अलावा एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर भी 0.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ हरे निशान में है.

इसके विपरीत, आईटी और ऑटोमोबाइल सेक्टर आज बाजार पर सबसे बड़ा दबाव बना रहे हैं. निफ्टी आईटी इंडेक्स में 0.58 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. वहीं, निफ्टी ऑटो 0.44 प्रतिशत और निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स 0.38 प्रतिशत नीचे गिरकर कारोबार कर रहे हैं.

गिरने वाले प्रमुख शेयर्स
निफ्टी पैक में आज कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव है. गिरावट का नेतृत्व करने वाले प्रमुख शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCL Tech) और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) शामिल हैं. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण विमानन कंपनी इंडिगो के शेयरों पर खास असर देखा जा रहा है.

क्रूड ऑयल और एशियाई बाजारों का हाल
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव के बाद बातचीत की खबरों के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है. ब्रेंट क्रूड 1 प्रतिशत बढ़कर $72.78 प्रति बैरल पर पहुंच गया है, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड 2 प्रतिशत से अधिक की छलांग लगाकर करीब $71 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. एशियाई बाजारों में भी असमंजस की स्थिति है; जापान का निक्की 1% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2% टूटा है, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग 2% से अधिक की बढ़त पर है.

विशेषज्ञों की राय
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, तकनीकी रूप से मार्केट में कंसॉलिडेशन का दौर देखा जा रहा है, लेकिन इसका रुख सकारात्मक है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी के लिए 23,800 से 24,250 की रेंज बेहद महत्वपूर्ण है. बाजार को फिर से बड़ी तेजी पकड़ने के लिए 24,200–24,250 के रेजिस्टेंस लेवल को पार करना होगा. जब तक इस रेंज का ब्रेकआउट नहीं होता, तब तक बाजार में चुनिंदा शेयरों पर आधारित सीमित दायरे में कारोबार जारी रहने की संभावना है.

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