Saturday, November 7, 2026

मोतिहारी में पाकिस्तानी संपर्कों से जुड़े साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

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Motihari News, 7 November 2026: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में मोतिहारी पुलिस ने पाकिस्तानी संपर्कों से जुड़े कथित साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने शुक्रवार की आधी रात नगर थाना क्षेत्र के बेलिसराय मोहल्ले में दो अलग-अलग मकानों पर छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में दोनों के पाकिस्तानी नागरिकों के संपर्क में रहने और भारतीय बैंक खातों व क्यूआर कोड के जरिए संदिग्ध वित्तीय लेन-देन करने की बात सामने आई है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के मोबाइल फोन से पाकिस्तानी व्हाट्सएप नंबर और संदिग्ध चैट मिले हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, बैंक खातों और लेन-देन की जांच कर रही है।

किराये के मकानों से संचालित हो रहा था नेटवर्क

पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने शनिवार को बताया कि सदर-वन के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दिलीप कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी। गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने बेलिसराय मोहल्ले में अशोक कुमार गुप्ता और धीरज वर्मा के मकानों पर एक साथ छापेमारी की।

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी इन मकानों में किराये पर रह रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान डुमरियाघाट थाना क्षेत्र के सेम्मुआपुर निवासी पंकज गुप्ता और संग्रामपुर थाना क्षेत्र के श्यामपुर बरवा निवासी राजू कुशवाहा उर्फ राजू कुमार भगत (22) के रूप में हुई है।

भारतीय बैंक खातों और क्यूआर कोड से होता था लेन-देन

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि पाकिस्तानी संपर्कों के निर्देश पर भारतीय बैंक खातों और क्यूआर कोड के माध्यम से रकम मंगाई जाती थी। इसके बाद उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर किया जाता था।

पुलिस ने आरोपियों के पास से पांच डेबिट कार्ड और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। डेबिट कार्डों में फेडरल बैंक के तीन, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का एक और बैंक ऑफ इंडिया का एक कार्ड शामिल है।

पुलिस के मुताबिक, कार्डों पर राजू कुमार और राजू कुमार भगत के नाम दर्ज हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन खातों का इस्तेमाल कथित ठगी की रकम के लेन-देन या निकासी में किया गया था या नहीं।

नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश

पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि नेटवर्क में कितने बैंक खाते और लोग शामिल हैं तथा अब तक कितनी रकम का लेन-देन हुआ है।

जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि पाकिस्तानी संपर्कों के पीछे कौन लोग हैं और इस नेटवर्क का विस्तार किन-किन राज्यों तक है। पुलिस अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

छापेमारी में विशेष पुलिस टीम रही शामिल

कार्रवाई में एसडीपीओ दिलीप कुमार के साथ इंस्पेक्टर राजीव रंजन, दारोगा केवी हनुमंता, संतोष कुमार, सतीश कुमार, जमादार भीम यादव, पुतुल कुमारी सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्य शामिल थे।

पुलिस का कहना है कि डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों की जांच के बाद साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा हो सकता है।

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