रांची: झारखंड में राज्य सूचना आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति अब तक नहीं होने का मुद्दा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र भेजकर नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द पूरी कराने और आयोग में लंबित मामलों की सुनवाई शुरू कराने का आग्रह किया है।
मरांडी ने पत्र में कहा है कि सूचना आयुक्तों की नियुक्ति एक जुलाई को किए जाने के बावजूद मुख्य सूचना आयुक्त का पद अभी तक खाली है। उनके अनुसार, इस वजह से राज्य सूचना आयोग का नियमित कामकाज और अपील-शिकायतों की सुनवाई शुरू नहीं हो सकी है।
बैठक में मिले आश्वासन का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बाबूलाल मरांडी ने उस बैठक का जिक्र किया है, जिसमें उनके साथ मुख्यमंत्री और मंत्री हफीजुल हसन मौजूद थे। मरांडी के मुताबिक, बैठक के दौरान उन्होंने मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति को लेकर सवाल उठाया था और उन्हें जल्द नियुक्ति का आश्वासन दिया गया था।
मरांडी ने कहा कि इसी भरोसे के आधार पर उन्होंने सूचना आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़ी अनुशंसा पर सहमति जताते हुए हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने पत्र में सवाल उठाया कि यदि मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति लंबित ही रखनी थी और आयोग का काम शुरू नहीं होना था, तो नियुक्ति प्रक्रिया का अपेक्षित लाभ लोगों को कैसे मिलेगा।
लंबित मामलों का भी उठाया मुद्दा
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सूचना के अधिकार से संबंधित अपीलों और शिकायतों की सुनवाई समय पर होना जरूरी है। उनके मुताबिक, आयोग के निष्क्रिय रहने से ऐसे नागरिक प्रभावित हो रहे हैं, जो अपनी शिकायतों और अपीलों पर निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति को लेकर उच्च न्यायालय में चली जनहित याचिका का निपटारा सरकार की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के आश्वासन के बाद हुआ था। मरांडी ने कहा कि ऐसी स्थिति में आयोग को पूरी तरह कार्यशील बनाना सरकार की जिम्मेदारी है।
जल्द बैठक बुलाकर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की मांग
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से मुख्य सूचना आयुक्त के चयन के लिए संबंधित समिति की बैठक जल्द बुलाने की मांग की है। उन्होंने नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कराने के साथ राज्य सूचना आयोग में अपील और शिकायतों की नियमित सुनवाई शुरू कराने का आग्रह किया है। साथ ही उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया की समयसीमा स्पष्ट करने की मांग भी की है।
जुलाई में चार सूचना आयुक्तों ने संभाला था पदभार
एक जुलाई को लोकभवन में शपथ लेने के बाद चार नवनियुक्त सूचना आयुक्तों—अनुज सिन्हा, शिवपूजन पाठक, तनुज खत्री और अमूल नीरज खलखो—ने राज्य सूचना आयोग कार्यालय में पदभार ग्रहण किया था।
उस समय मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति होने या किसी मौजूदा सूचना आयुक्त को प्रभारी मुख्य सूचना आयुक्त की जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना जताई गई थी, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, आयोग में पहले से 7,657 अपील और 71 शिकायत आवेदन लंबित थे, जबकि नए आवेदनों की संख्या 15,304 बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, आयोग में 8 मई 2020 तक सुनवाई हुई थी। इसके बाद सूचना आयुक्त का पद रिक्त रहने के कारण सुनवाई प्रभावित रही। पुराने और नए मामलों को मिलाकर लंबित मामलों का आंकड़ा करीब 23 हजार अपील और 400 शिकायतों तक बताया गया है।
