Saturday, May 2, 2026

 मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार की अध्‍यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में 31 प्रस्‍तावों पर मुहर लगी।

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नीतीश कैबिनेट ने 31 प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिसमें अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति दोगुनी करना प्रमुख है। अब कक्षा 1 से 10 तक के छात्रों को ₹1200 से ₹3600 वार्षिक मिलेंगे, जबकि छात्रावासियों को ₹6000। महंगाई को देखते हुए यह संशोधन किया गया है, जिससे लगभग 27 लाख छात्र लाभान्वित होंगे। पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुदान भी ₹1000 से ₹2000 किया गया है.

पटना। मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार की अध्‍यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में 31 प्रस्‍तावों पर मुहर लगी।

बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 से प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की दरों में बड़ा संशोधन किया है।

सरकार ने कक्षा 1 से 10 तक के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को दी जाने वाली वार्षिक छात्रवृत्ति की राशि को दोगुना कर दिया है।

संशोधित दरों के अनुसार कक्षा 1 से 4 तक के विद्यार्थियों को अब ₹1200 वार्षिक, कक्षा 5 से 6 तक ₹2400 वार्षिक, कक्षा 7 से 10 तक ₹3600 वार्षिक तथा कक्षा 1 से 10 तक के छात्रावासी विद्यार्थियों को ₹6000 वार्षिक छात्रवृत्ति मिलेगी।

महंगाई को देख क‍िया गया संशोधन

वर्ष 2011 में निर्धारित छात्रवृत्ति दरें अब तक लागू थीं, जिन्हें वर्तमान जरूरतों और महंगाई को देखते हुए संशोधित किया गया है।

दर संशोधन के फलस्वरूप इस योजना पर कुल अनुमानित वार्षिक व्यय ₹519.64 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। यह छात्रवृत्ति कक्षा 1 से 10 तक सरकारी विद्यालयों, स्थायी मान्यता प्राप्त एवं स्थापना स्वीकृत विद्यालयों में अध्ययनरत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को दी जाएगी।

इस निर्णय से राज्य के लगभग 27 लाख छात्र-छात्राओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से वंचित वर्गों के विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़े रखने और ड्रॉपआउट दर कम करने में मदद मिलेगी।

पिछड़ा–अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुदान दोगुना, 8,150 छात्र होंगे लाभान्वित


राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 से “मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुदान योजना” के तहत छात्रावास अनुदान की दर में बड़ा इजाफा किया है।

अब तक 1000 रुपये प्रति माह प्रति छात्र/छात्रा मिलने वाली राशि को संशोधित कर 2000 रुपये कर दिया गया है। इस निर्णय से विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावासों में रहने वाले लगभग 8150 छात्र-छात्राएं लाभान्वित होंगे।

अनुदान दर के पुनर्निर्धारण से कुल अनुमानित वार्षिक व्यय 19 करोड़ 56 लाख रुपये होगा। यह बढ़ी हुई राशि 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी।

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