Tuesday, July 28, 2026

मानसून में बच्चों की सेहत का रखें विशेष ध्यान, इन बीमारियों से बचाव के लिए अपनाएं जरूरी उपाय.

Share

नई दिल्ली: बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं इस दौरान बच्चों की सेहत को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है। मौसम में बदलाव, नमी और दूषित पानी या भोजन के कारण बच्चों में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, सही खान-पान, साफ-सफाई और समय पर टीकाकरण के जरिए कई मौसमी बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।

मानसून के दौरान बच्चों में सर्दी-खांसी, बुखार, त्वचा संबंधी समस्याएं, पेट के संक्रमण और हाथ-पैर-मुंह की बीमारी (Hand Foot Mouth Disease) जैसी परेशानियां आम हो सकती हैं। इसके अलावा मच्छरों के बढ़ने से डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।

बच्चों के लिए साफ पानी और स्वच्छ भोजन जरूरी

डॉक्टरों का कहना है कि मानसून के समय बच्चों को केवल साफ और सुरक्षित पानी ही देना चाहिए। पानी को उबालकर या फिल्टर करके इस्तेमाल करना बेहतर होता है। दूषित पानी से दस्त, टाइफाइड और पीलिया जैसी बीमारियां हो सकती हैं।

बच्चों को बाहर का खुला खाना देने से बचना चाहिए। इस मौसम में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से बढ़ सकते हैं, जिससे पेट से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। घर का बना हुआ ताजा और अच्छी तरह पका भोजन बच्चों के लिए अधिक सुरक्षित होता है।

आहार में पोषण का रखें ध्यान

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान बच्चों के भोजन में पोषक तत्वों को शामिल करना बेहद जरूरी है। दूध, अंडे, दालें, फलियां, हरी सब्जियां और मौसमी फल बच्चों की डाइट का हिस्सा होने चाहिए।

बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने के लिए प्रोटीन के साथ-साथ विटामिन A, C, D, आयरन और जिंक जैसे पोषक तत्वों की जरूरत होती है। विशेषज्ञ हल्का, ताजा और कम तेल वाला भोजन लेने की सलाह देते हैं। बहुत अधिक तला-भुना और मसालेदार खाना इस मौसम में परेशानी बढ़ा सकता है।

मौसमी सब्जियों और फलों को अच्छी तरह धोएं

मानसून में सब्जियों और फलों की सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इस्तेमाल से पहले इन्हें साफ पानी से धोना और जरूरत पड़ने पर नमक मिले पानी से साफ करना उपयोगी हो सकता है। कच्चे या अधपके भोजन से बचना चाहिए, खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए।

समय पर टीकाकरण से मिलेगी सुरक्षा

बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों का समय पर टीकाकरण कई गंभीर संक्रमणों से बचाने में मदद करता है। रोटावायरस, टाइफाइड और राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत दिए जाने वाले टीके बच्चों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि पर्याप्त नींद भी बच्चों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार पर्याप्त आराम मिलना चाहिए, जिससे उनकी प्रतिरोधक क्षमता बेहतर बनी रहे।

मानसून में बच्चों को होने वाली आम बीमारियां

बारिश के मौसम में बच्चों में इन स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है:

  • सर्दी-जुकाम और खांसी: मौसम परिवर्तन और वायरल संक्रमण के कारण।
  • डेंगू और मलेरिया: जमा पानी में पनपने वाले मच्छरों से।
  • दस्त और गैस्ट्रोएंटेराइटिस: दूषित भोजन या पानी के सेवन से।
  • टाइफाइड और हेपेटाइटिस A: संक्रमित पानी और खाने से।
  • सांस संबंधी समस्याएं: जैसे एलर्जी, अस्थमा या अन्य श्वसन संक्रमण।

बीमारी के लक्षण दिखें तो तुरंत लें डॉक्टर की सलाह

अगर बच्चे को लगातार बुखार, दस्त, उल्टी, कमजोरी, लगातार खांसी या स्वास्थ्य में अचानक बदलाव जैसे लक्षण दिखाई दें, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। खुद से दवा देने से बचना चाहिए।

मानसून में बच्चों को स्वस्थ रखने के आसान उपाय

  • फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें।
  • बच्चों को साफ और उबला हुआ पानी दें।
  • बाहर के खुले भोजन से परहेज करें।
  • घर का बना ताजा भोजन प्राथमिकता दें।
  • पोषण से भरपूर संतुलित आहार दें।
  • हाथ धोने और व्यक्तिगत स्वच्छता की आदत विकसित करें।
  • टीकाकरण समय पर पूरा कराएं।

सही सावधानियों के साथ मानसून का मौसम बच्चों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ बनाया जा सकता है।

Read more

Local News