नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 19 से 21 अगस्त तक सिंगापुर के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, तकनीकी सहयोग और रणनीतिक आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करना है। यह दौरा भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय संवाद (ISMR) के तहत हो रहा है।
विभिन्न क्षेत्रों के कारोबारी प्रतिनिधि शामिल
पीयूष गोयल के साथ करीब 70 सदस्यीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी सिंगापुर पहुंचा है। इसमें टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय सेवाओं, स्वास्थ्य, कृषि, लॉजिस्टिक्स और समुद्री क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हैं।
प्रतिनिधिमंडल के कार्यक्रमों में बिजनेस-टू-बिजनेस और सरकार-से-व्यापार जगत की बैठकें होंगी। इनमें निवेश के अवसर, बाजार तक पहुंच, तकनीकी साझेदारी और कौशल विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
सिंगापुर के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात
दौरे के दौरान गोयल की सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से मुलाकात प्रस्तावित है। इसके अलावा वह विभिन्न वैश्विक संस्थानों और कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।
इन मुलाकातों में निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय सेवाओं और तकनीकी क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर बातचीत होने की उम्मीद है। कार्यक्रम के दौरान एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर भी किए जाने हैं।
कृषि और व्यापार पर भी फोकस
भारतीय कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने के उद्देश्य से गोयल सिंगापुर के राज्य मंत्री गन सियो हुआंग के साथ APEDA-NTUC FairPrice पहल से जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
इसके अलावा वह INSEAD एशिया कैंपस में FICCI द्वारा आयोजित भारत-सिंगापुर बिजनेस फोरम में शामिल होंगे। गोयल ICAI ASEAN Conference 2026 में भी मुख्य वक्ता के तौर पर संबोधित करेंगे।
सिंगापुर भारत के लिए अहम निवेश साझेदार
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में सिंगापुर भारत में 19.8 अरब डॉलर के FDI के साथ सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश स्रोत रहा। अप्रैल 2000 से मार्च 2026 के बीच सिंगापुर से भारत में संचयी FDI प्रवाह 194.68 अरब डॉलर रहा, जो कुल FDI का करीब 24.72 प्रतिशत है।
दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) के बाद व्यापारिक रिश्तों में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। वित्त वर्ष 2004-05 में करीब 6.7 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 36.1 अरब डॉलर पहुंच गया।
गोयल का मौजूदा दौरा इसी आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने और नए निवेश व कारोबारी अवसर तलाशने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
