Wednesday, June 24, 2026

भारत-अमेरिका ने नई दिल्ली बैठक में अंतरिम व्यापार समझौते की समीक्षा की, जिससे बाजार पहुंच, डिजिटल व्यापार और आर्थिक साझेदारी को मजबूती मिलेगी.

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नई दिल्ली: भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के मुख्य स्तंभों की व्यापक समीक्षा करते हुए रणनीतिक वार्ता को अंतिम रूप दे दिया है. नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय उच्च स्तरीय मंत्रिस्तरीय बैठक के समापन पर जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों देशों ने एक संतुलित और व्यावसायिक रूप से व्यावहारिक अंतरिम समझौते की ओर कदम बढ़ा दिए हैं.

यह बैठक केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर के बीच संपन्न हुई. वाणिज्य मंत्रालय ने पुष्टि की है कि इस वार्ता का प्राथमिक उद्देश्य एक अंतरिम समझौते के मार्ग को प्रशस्त करना है, जो भविष्य में एक पूर्ण और व्यापक आर्थिक साझेदारी के मील का पत्थर साबित होगा.

मुख्य विनियामक और व्यापारिक मुद्दों पर समीक्षा
द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार को प्रभावित करने वाले कई जटिल और संवेदनशील आर्थिक मुद्दों की गहन समीक्षा की, जिनमें शामिल हैं

  • उन्नत बाजार पहुंच: दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं के निर्बाध प्रवाह के लिए सीमा शुल्क को युक्तिसंगत बनाने पर सहमति.
  • डिजिटल व्यापार नियम: डेटा सुरक्षा, सीमा पार डेटा प्रवाह और तकनीकी सेवाओं के लिए एक पारदर्शी और सरल कानूनी ढांचा तैयार करना.
  • गैर-टैरिफ बाधाओं में कमी: जटिल आयात लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं, मानकों के परीक्षण और तकनीकी नियमों को सरल बनाना, जिससे कृषि, स्वास्थ्य सेवा और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के व्यापार को गति मिल सके.
  • सप्लाई चेन लचीलापन: वैश्विक व्यवधानों से बचने के लिए एक सुरक्षित, विश्वसनीय और पारदर्शी आपूर्ति श्रृंखला तंत्र का निर्माण करना.

रणनीतिक और आर्थिक प्रभाव
मंत्रालय के अनुसार, यह समझौता दोनों देशों के व्यवसायों, किसानों, श्रमिकों और उपभोक्ताओं को वास्तविक और दीर्घकालिक आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए डिज़ाइन किया जा रहा है. इसके साथ ही, दोनों पक्षों ने हाल के महीनों में तकनीकी और कानूनी वार्ता टीमों द्वारा की गई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया.

यह आर्थिक विनियामक सुधार भारत-अमेरिका के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार को वर्ष 2030 तक 500 अरब डॉलर तक ले जाने के रणनीतिक लक्ष्य का हिस्सा है. इस समझौते के लागू होने से न केवल दोनों देशों के व्यापारिक संबंध प्रगाढ़ होंगे, बल्कि ‘भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ को एक नया भू-आर्थिक आयाम मिलेगा. दोनों पक्षों ने विश्वास व्यक्त किया है कि अंतिम ड्राफ्ट को जल्द ही कानूनी मंजूरी दे दी जाएगी.

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