Tuesday, May 26, 2026

भारतीय शेयर बाजार सपाट खुला; सेंसेक्स 150 अंक गिरा, हालांकि आईटी और स्मॉलकैप में बढ़त रही.

Share

मुंबई: खाड़ी क्षेत्र में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के बीच मंगलवार को भारतीय शेयर बाजारों में सुबह के कारोबार के दौरान मिला-जुला और सुस्त रुख देखने को मिला. दक्षिणी ईरान में बारूदी सुरंगें बिछाने और मिसाइल लॉन्च साइटों को निशाना बनाकर किए गए ताजा अमेरिकी हमलों के बाद निवेशकों ने सतर्कता का रुख अपनाया है. बाजार विश्लेषकों का कहना है कि हालांकि इन ‘आत्मरक्षा’ हमलों से बाजार की धारणा थोड़ी प्रभावित हुई है, लेकिन इसे युद्ध के नए चरण की शुरुआत के रूप में नहीं देखा जा रहा है.

सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 150 अंक या 0.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,339.29 पर कारोबार करता दिखा. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 45 अंक या 0.19 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,986.40 पर आ गया. इससे पहले आज सुबह सेंसेक्स 76,224.14 और निफ्टी 24,004.10 के स्तर पर खुले थे. सोमवार को घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती के दम पर बाजार में शानदार तेजी आई थी, जिससे निवेशकों का भरोसा अभी भी मजबूत है.

सेक्टोरल इंडेक्स का हाल
आईटी और केमिकल्स चमकेबाजार में गिरावट के बावजूद आईटी, केमिकल्स, मीडिया, पीएसयू बैंक और मेटल शेयरों में खरीदारी देखने को मिली. निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.61 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी केमिकल्स में 0.58 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया में 0.54 प्रतिशत का उछाल आया. दूसरी तरफ, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, हेल्थकेयर, सीमेंट और रियल्टी सेक्टर्स दबाव में रहे. निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे ज्यादा नुकसान में रहा.

इंडिगो और टाइटन के शेयरों में गिरावट
दिग्गज शेयरों की बात करें तो एविएशन कंपनी इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) का शेयर 1 प्रतिशत से अधिक टूट गया. इसके अलावा एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, मैक्स हेल्थकेयर, टाइटन कंपनी, भारती एयरटेल और ट्रेंट के शेयरों में भी करीब 1 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई. व्यापक बाजार में मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का प्रदर्शन बेहतर रहा, जहां निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.59 प्रतिशत की बढ़त देखी गई.

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से बढ़ी चिंता
तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है. वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.17 प्रतिशत बढ़कर 98.39 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 3 प्रतिशत से अधिक की उछाल के साथ 93.90 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. विशेषज्ञों के अनुसार, भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देश के लिए कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें व्यापक आर्थिक दबाव बढ़ा सकती हैं. यदि खाड़ी संकट का कोई कूटनीतिक समाधान निकलता है और तेल की कीमतें नीचे आती हैं, तो भारतीय बाजारों में दोबारा बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है.

Read more

Local News