Tuesday, August 4, 2026

भारतीय अंगदान दिवस पर RIMS में जागरूकता कार्यक्रम, दो लोगों ने लिया अंगदान का संकल्प.

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रांची: भारतीय अंगदान दिवस के अवसर पर रिम्स (RIMS) रांची में स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (SOTTO) झारखंड की ओर से अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान अंगदान के महत्व को रेखांकित करते हुए लोगों को इस जीवनदायी पहल से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत एक विशेष पौधारोपण अभियान से हुई। इसमें ऐसे पौधों की स्टेम कटिंग लगाई गई, जिनसे नए पौधे विकसित हो सकते हैं। आयोजकों ने इसे अंगदान के संदेश—“एक जीवन से अनेक जीवनों को नई उम्मीद”—का प्रतीक बताया।

इस अवसर पर रिम्स के निदेशक प्रो. डॉ. दीपेंद्र कुमार सिन्हा, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. हिरेंद्र बिरुआ, अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेश त्रिपाठी, क्रिटिकल केयर प्रभारी प्रो. डॉ. प्रदीप भट्टाचार्या, नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रज्ञा पंत घोष, SOTTO की नोडल पदाधिकारी डॉ. मनीषा कुजूर, नर्सिंग कॉलेज के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि अंगदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है। उन्होंने समाज में अंगदान से जुड़े भ्रम और गलत धारणाओं को दूर करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि जागरूकता बढ़ने से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकते हैं और कई गंभीर मरीजों को नया जीवन मिल सकता है।

जागरूकता अभियान के तहत रिम्स नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने ट्रॉमा सेंटर, यूरोलॉजी ओपीडी और न्यूरोसर्जरी ओपीडी परिसर में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इसके माध्यम से ब्रेन स्टेम डेथ, अंगदान की प्रक्रिया और इसके सामाजिक महत्व को सरल भाषा में समझाया गया।

इसके अलावा अंगदान विषय पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता और क्विज का भी आयोजन किया गया, जिसमें एमबीबीएस, बीडीएस और नर्सिंग के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों और नुक्कड़ नाटक में प्रभावशाली भूमिका निभाने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि दो लोगों ने स्वेच्छा से अंगदान का संकल्प लिया। उन्हें स्मृति-चिह्न के रूप में ऐसे पौधे भेंट किए गए, जिन पर ऑर्गन डोनेशन प्लेज के लिए क्यूआर कोड उपलब्ध था। इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को डिजिटल माध्यम से अंगदान की प्रतिज्ञा लेने के लिए प्रेरित करना है।

समापन पर SOTTO झारखंड ने लोगों से अपील की कि वे अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करें, अपने परिवार के साथ इस विषय पर चर्चा करें और जरूरतमंद मरीजों के जीवन में नई उम्मीद जगाने के इस अभियान का हिस्सा बनें।

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