रांची: राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने युवाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा युवाओं से जुड़े मुद्दों पर दोहरी नीति अपना रही है और उसे शिक्षा व रोजगार के विषय पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है।
मंत्री ने कहा कि भाजपा के कार्यकाल में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय निजीकरण को बढ़ावा मिला और शिक्षा क्षेत्र में सरकारी निवेश में कमी आई। इसके कारण शिक्षा व्यवस्था को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
- शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि जब देश में नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर अभ्यर्थी पारदर्शिता की मांग कर रहे थे, तब भाजपा नेताओं ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि अब झारखंड के विद्यार्थियों के मुद्दों पर भाजपा की चिंता केवल राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है।
- उन्होंने कहा कि शिक्षा का लक्ष्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि युवाओं में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और रोजगार से जुड़े कौशल का विकास करना होना चाहिए। मंत्री ने बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर भी भाजपा पर सवाल खड़े किए।
- उन्होंने कहा कि आज के युवा केवल आश्वासन या प्रचार नहीं चाहते, बल्कि उन्हें बेहतर शिक्षा, रोजगार के अवसर, पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया और समान अवसर की जरूरत है।
मंत्री ने दावा किया कि झारखंड सरकार युवाओं और अभ्यर्थियों के हित में पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े मामलों में सरकार गंभीरता से कार्रवाई कर रही है और भर्ती व परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
