Bokaro: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के निदेशक शशि प्रकाश झा ने मंगलवार को बोकारो स्थित पंचकर्म सह सेवा केंद्र और झारखंड सरकार द्वारा विकसित नए परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की और आयुष सेवाओं के विस्तार से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वदेशी जागरण मंच के कृषि प्रकोष्ठ द्वारा विकसित किए जा रहे औषधीय पौधों के उद्यान का भी अवलोकन किया। इस पहल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मॉडल भविष्य में देश के अन्य राज्यों और जिलों में भी विकसित किए जा सकते हैं। उनके अनुसार, ऐसे उद्यान औषधीय पौधों के संरक्षण के साथ-साथ लोगों को उनके औषधीय महत्व से भी परिचित कराएंगे।
उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा पद्धति के साथ आयुर्वेद और प्राकृतिक उपचार प्रणाली की जानकारी भी लोगों तक पहुंचनी चाहिए। कई औषधीय पौधे स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध होते हैं, जिनका सही उपयोग स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकता है।
इस अवसर पर जिला आयुष पदाधिकारियों ने जोंक चिकित्सा (लीच थेरेपी) और मछली पालन से जुड़ी प्रस्तावित योजना की जानकारी भी दी। अधिकारियों के अनुसार, आयुर्वेदिक उपचार में जोंक चिकित्सा का विशेष महत्व है, जबकि मछलियां जल स्रोतों में मच्छरों के लार्वा को नियंत्रित करने में सहायक हो सकती हैं।
एनएचएम निदेशक ने बताया कि बोकारो जिले में अब तक 10 आयुष अस्पताल स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा 28 नए आयुष अस्पतालों की स्थापना की योजना पर भी काम चल रहा है, जिससे लोगों को पारंपरिक चिकित्सा सेवाओं का बेहतर लाभ मिल सके।
निरीक्षण के दौरान आयुष विभाग के अधिकारी, स्वदेशी जागरण मंच के प्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी, योग प्रशिक्षक तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े कई लोग उपस्थित रहे।
