बोकारो, 15 अक्टूबर 2026: बोकारो स्टील प्लांट (BSL) में नियोजन की मांग को लेकर विस्थापितों का आंदोलन तेज हो गया है। मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराज आंदोलनकारियों ने स्टील गेट नंबर-9 और दुगल गेट नंबर-10 को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर प्लांट के पांच अन्य गेट भी बंद किए जाएंगे।
छह दिनों से आमरण अनशन जारी
टू-टैंक गार्डन के पास विस्थापित अप्रेंटिस संघ के बैनर तले आंदोलनकारी पिछले छह दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनका कहना है कि बीएसएल प्रबंधन और प्रशासन की ओर से अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इसी नाराजगी के चलते आंदोलनकारियों ने गेट बंद करने का कदम उठाया है।
1500 अप्रेंटिस प्रशिक्षुओं की बहाली प्रमुख मांग
विस्थापित नौजवान संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष अरुण कुमार महतो ने कहा कि छह दिनों से भूख हड़ताल जारी रहने के बावजूद प्रबंधन और प्रशासन मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो चरणबद्ध तरीके से आंदोलन तेज किया जाएगा और प्लांट का कामकाज ठप करने की कोशिश की जाएगी।
संघ के सक्रिय नेता सुनील कुमार के अनुसार, आंदोलनकारियों को पिछले डेढ़ वर्षों से आश्वासन मिल रहा है, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। उनकी प्रमुख मांगें हैं:
- 1500 विस्थापित अप्रेंटिस प्रशिक्षुओं की बहाली।
- चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों में पहले की आरक्षण व्यवस्था बहाल करना।
- विस्थापित परिवारों के युवाओं के लिए स्पष्ट नियोजन नीति बनाना।
आंदोलनकारियों का कहना है कि जिन परिवारों ने संयंत्र के लिए अपनी जमीन दी, उनके युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने चाहिए। उनका दावा है कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद भी नौकरी नहीं मिलने से कई युवाओं के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है।
पांच अन्य गेट बंद करने की चेतावनी
आंदोलनकारियों ने गेट नंबर-3, 4 और 5 के अलावा सीजेड गेट तथा मंसा सिंह गेट को भी बंद करने की चेतावनी दी है। यदि ऐसा होता है, तो संयंत्र के कामकाज पर असर पड़ने की आशंका है।
फिलहाल आंदोलनकारियों की मांगों पर बीएसएल प्रबंधन और प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सबकी नजर है। आंदोलन के आगे बढ़ने से संयंत्र में कामकाज और रोजगार से जुड़े मुद्दे और महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
BHARATSUPERFASTNEWS
