भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंकों में से एक, बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) इस समय एक गंभीर तकनीकी खराबी के कारण चर्चा में है. मार्च 2026 के पहले हफ्ते में आई इस गड़बड़ी ने बैंक के हजारों होम लोन ग्राहकों को संकट में डाल दिया है. जानकारी के अनुसार, बैंक के सिस्टम में आई खराबी की वजह से ग्राहकों के खातों पर गलत और काफी ऊंची ब्याज दरें लागू कर दी गईं, जिससे उनकी मासिक किस्त (EMI) में अचानक भारी बढ़ोतरी हो गई.
क्या है पूरा मामला?
इकोनॉमिक टाइम्स (ET) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक ऑफ बड़ौदा के सिस्टम ने ‘गलती’ से होम लोन के एक बड़े हिस्से पर सामान्य से अधिक ब्याज दर चार्ज कर ली. इसका सीधा असर ग्राहकों के बचत खातों पर पड़ा, जहां से निर्धारित EMI से कहीं अधिक राशि काट ली गई. कई मामलों में तो यह अतिरिक्त राशि ₹50,000 से लेकर ₹60,000 तक पहुँच गई.
बैंक के एक प्रवक्ता ने इस पर सफाई देते हुए कहा, “नियमित समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि खातों के एक सीमित सेट में गलत ब्याज दर लागू हो गई थी. हमने सुधारात्मक कदम उठाए हैं. जिन खातों से अधिक पैसा काटा गया था, उन्हें रिफंड कर दिया गया है, और जहां कम ब्याज लगा था, वहां से बकाया वसूल लिया गया है.”
क्रेडिट स्कोर और रिकवरी एजेंटों का खौफ
इस तकनीकी चूक का सबसे घातक असर ग्राहकों के क्रेडिट स्कोर पर पड़ा है. जिन ग्राहकों के बैंक खातों में बढ़ी हुई EMI को कवर करने के लिए पर्याप्त बैलेंस नहीं था, उन्हें सिस्टम ने ‘डिफॉल्टर’ या ‘डेलिनक्वेंट’ घोषित कर दिया.
जैसे ही खाते में ‘ओवरड्यू’ का सिग्नल गया, बैंक के ऑटोमेटेड सिस्टम ने इसकी रिपोर्ट क्रेडिट ब्यूरो को भेज दी, जिससे कई ईमानदार कर्जदारों का क्रेडिट स्कोर रातों-रात गिर गया. इतना ही नहीं, ओवरड्यू राशि का अलर्ट मिलते ही निजी रिकवरी एजेंटों ने ग्राहकों को परेशान करना शुरू कर दिया, जिससे ग्राहकों में भारी मानसिक तनाव और आक्रोश देखा गया.
प्रभावित ग्राहकों की आपबीती
पुणे की एक ग्राहक, निशि मृणाल ने ET को अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि उनकी नियमित EMI ₹98,953 थी, लेकिन बैंक ने उनसे ₹57,290 की अतिरिक्त मांग की. उनके बचत खाते में मौजूद ₹3,998 भी बैंक ने बिना बताए काट लिए और बाकी राशि को ‘बकाया’ दिखाकर उन्हें क्रेडिट ब्यूरो में रिपोर्ट कर दिया. इसी तरह कोलकाता के एक अन्य ग्राहक ने बताया कि लोन बंद होने के बावजूद उनके खाते से ₹33,000 काट लिए गए. सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं.
बैंक की वित्तीय स्थिति और बाजार की प्रतिक्रिया
बैंक ऑफ बड़ौदा के कुल लोन पोर्टफोलियो में होम लोन की हिस्सेदारी लगभग 11% (करीब ₹1.44 लाख करोड़) है. दिसंबर 2025 के अंत तक बैंक का कुल लोन पोर्टफोलियो ₹13.45 लाख करोड़ था. इस बड़ी तकनीकी खामी की खबर फैलते ही शेयर बाजार में बैंक के प्रति नकारात्मक माहौल बना और 23 मार्च 2026 को बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयरों में 5.02% की गिरावट देखी गई.
विशेषज्ञों की राय और सुझाव
बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल बैंकिंग के दौर में ऐसी तकनीकी खामियां ग्राहकों के भरोसे को कम करती हैं. प्रभावित ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे:
- अपने बैंक स्टेटमेंट और लोन रीपेमेंट शेड्यूल का मिलान करें.
- अपना लेटेस्ट सिबिल (CIBIL) स्कोर चेक करें.
- यदि बैंक ने गलती नहीं सुधारी है, तो तुरंत बैंकिंग ओम्बड्समैन से संपर्क करें.
बैंक का दावा है कि स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन हजारों ग्राहकों के लिए अपना बिगड़ा हुआ क्रेडिट स्कोर ठीक करना अब एक लंबी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया बन गई है.


