हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग शहर के हुरहुरु इलाके में खास महाल जमीन पर स्थित पुराने भवन को तोड़े जाने के बाद विवाद गहरा गया है। पूर्व मंत्री योगेंद्र साव पर भवन को ध्वस्त कराने का आरोप लगा है। शिकायत मिलने के बाद रविवार को प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
प्रशासन के अनुसार, संबंधित जमीन पर पहले सरकारी कार्यालय भी संचालित होता था। वहीं, योगेंद्र साव ने जमीन को अपना बताते हुए कहा कि अगले महीने उनके बेटे की शादी है और इसी वजह से वह जमीन की साफ-सफाई करा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन पर उन्हें निशाना बनाने का आरोप भी लगाया है।
शिकायत मिलने पर मौके पर पहुंची प्रशासनिक टीम
मामले की जानकारी मिलने के बाद सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रूपक कुमार और सदर अंचलाधिकारी आशुतोष कुमार अपनी टीम के साथ विवादित स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने वहां की स्थिति का निरीक्षण किया और जमीन से जुड़े विवाद की जानकारी ली।
सदर अंचलाधिकारी आशुतोष कुमार के मुताबिक, यह खास महाल की जमीन है, जहां एक सरकारी कार्यालय भी था। उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने भवन को योगेंद्र साव ने तुड़वाया है। स्थानीय वार्ड पार्षद की ओर से शिकायत मिलने के बाद प्रशासनिक टीम जांच के लिए पहुंची थी।
हाई कोर्ट में लंबित है जमीन से जुड़ा मामला
सदर एसडीपीओ रूपक कुमार ने बताया कि पुलिस और अंचल कार्यालय को सूचना मिली थी कि जमीन से संबंधित मामला झारखंड हाई कोर्ट में लंबित है। यह मामला मुजीबुर रहमान बनाम झारखंड राज्य के नाम से बताया गया है।
एसडीपीओ के अनुसार, अदालत के आदेश के तहत विवादित जमीन पर किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जाना है। पुराने भवन को तोड़े जाने की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची।
उन्होंने बताया कि पहले स्थल पर एक पुराना और खंडहरनुमा भवन मौजूद था, जो निरीक्षण के समय दिखाई नहीं दिया। अधिकारियों के मुताबिक, इस संबंध में आवेदन मिलने पर मामले की जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
योगेंद्र साव बोले- बेटे की शादी के लिए करा रहा हूं सफाई
पुराने भवन को तोड़े जाने के मामले में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि अगले महीने उनके बेटे की शादी है। इसी कारण वह अपनी जमीन की साफ-सफाई करवा रहे हैं।
उन्होंने जमीन पर अपना अधिकार होने का दावा किया और आरोप लगाया कि प्रशासन उन्हें निशाना बनाकर परेशान कर रहा है। हालांकि, जमीन के स्वामित्व और पुराने भवन को तोड़े जाने की वैधता को लेकर प्रशासन का पक्ष अलग है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
हुरहुरु स्थित खास महाल जमीन को लेकर पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और जिला प्रशासन के बीच पहले से विवाद होने की बात सामने आई है। पुराने भवन को तोड़े जाने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
फिलहाल, जमीन के स्वामित्व, अदालत के आदेश और भवन तोड़े जाने से जुड़े सभी पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण है। आगे की कार्रवाई संबंधित दस्तावेजों, शिकायत और कानूनी स्थिति की समीक्षा के आधार पर तय होगी।
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