बेटे की मारपीट, भूख से तड़पती जिंदगी और अपमान का बोझ झेल रहे बुजुर्ग मां-बाप ने पटना के बाढ़ में गंगा को आखिरी सहारा मान लिया. छलांग लगाई तो पति बच गया, लेकिन पत्नी लहरों में लापता हो गई. NDRF तलाश में जुटी है.
पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल के अलखनाथ घाट पर अफरातफरी मच गई, जब लोगों ने देखा कि एक बुजुर्ग दंपती गंगा की लहरों में कूद गया है. चीख-पुकार के बीच स्थानीय लोग हरकत में आए और बुजुर्ग व्यक्ति को तो किसी तरह बाहर खींच लाए, लेकिन महिला पानी की तेज धार में बह गई.
परिवार से टूटा रिश्ता, बेटा बना वजह
डूबने से बचे धीरज चौधरी ने जब अपनी आपबीती सुनाई, तो घाट पर मौजूद हर आंख नम हो गई. उन्होंने बताया कि वे नालंदा जिले के पावापुरी के मोलदियार बीघा गांव के रहने वाले हैं. उनका बड़ा बेटा आए दिन उनके साथ मारपीट करता था. उसने पुश्तैनी जमीन बेच दी और विरोध करने पर मां-बाप को भूखा-प्यासा छोड़ दिया.
भूख से तड़पते बाढ़ पहुंचे, दो दिन तक रहे भटकते
धीरज चौधरी ने बताया कि छोटा बेटा मानसिक रूप से अस्वस्थ है, जिससे कोई सहारा भी नहीं बचा था. बेटे की प्रताड़ना से टूटकर वे अपनी पत्नी मालती देवी के साथ घर छोड़कर बाढ़ आ गए. दो दिन से ज्यादा वक्त से दोनों भूखे-प्यासे घाट किनारे भटकते रहे और अंत में गंगा को ही मुक्ति का रास्ता मान लिया.
धीरज बच गए, लेकिन मालती अब भी लापता
स्थानीय लोगों ने किसी तरह धीरज को नदी से निकाल लिया। उनकी हालत काफी नाजुक थी और वे सदमे में हैं. वहीं, मालती देवी तेज बहाव में बह गईं. घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस और NDRF की टीम महिला की तलाश में सर्च ऑपरेशन चला रही है. अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिला है.


