पटना: बिहार सरकार ने ऐतिहासिक बेतिया राज की करीब 22,813 एकड़ भूमि को सरकारी नियंत्रण में लेने की दिशा में औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अधिसूचना जारी करते हुए संबंधित संपत्तियों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक किया है। सरकार का कहना है कि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन भूमि परिसंपत्तियों का उपयोग विभिन्न सार्वजनिक और विकासात्मक परियोजनाओं में किया जाएगा।
छह जिलों में फैली है बेतिया राज की भूमि
सरकारी आंकड़ों के अनुसार बेतिया राज की संपत्तियां बिहार के छह जिलों में स्थित हैं। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा पश्चिम चंपारण जिले में है। इसके अलावा पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, पटना, सारण और सीवान में भी भूमि दर्ज है।
जिलावार उपलब्ध आंकड़े इस प्रकार हैं:
- पश्चिम चंपारण: 15,556.39 एकड़
- पूर्वी चंपारण: 7,194.56 एकड़
- गोपालगंज: 35.58 एकड़
- पटना: 11.49 एकड़
- सारण: 8.47 एकड़
- सीवान: 7.29 एकड़
दावों की जांच के लिए विशेष अधिकारियों की नियुक्ति
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया की निगरानी के लिए प्रत्येक संबंधित जिले में अपर समाहर्ता (एडीएम) स्तर के अधिकारियों को स्पेशल ऑफिसर नामित किया गया है। ये अधिकारी भूमि से जुड़े दावों, आपत्तियों और दस्तावेजों की जांच कर नियमानुसार निर्णय लेंगे।
वैध दस्तावेज रखने वालों को मिलेगा दावा पेश करने का अवसर
यदि किसी व्यक्ति के पास बेतिया राज की भूमि से संबंधित पट्टा, बंदोबस्ती या अन्य वैध अभिलेख हैं, तो वह संबंधित जिले के स्पेशल ऑफिसर के समक्ष अपना दावा प्रस्तुत कर सकता है। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद नियमानुसार मामले का निपटारा किया जाएगा।
विकास परियोजनाओं में होगा उपयोग
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का कहना है कि बेतिया राज की कई संपत्तियां ऐतिहासिक और सार्वजनिक महत्व रखती हैं। सरकार की योजना है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन जमीनों का उपयोग आधारभूत संरचना और अन्य जनहित से जुड़े विकास कार्यों के लिए किया जाए।
उत्तर प्रदेश में स्थित संपत्तियों पर भी होगी कार्रवाई
विभागीय सूत्रों के अनुसार बेतिया राज की कुछ संपत्तियां उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी दर्ज हैं। वहां भी भूमि का रिकॉर्ड संकलित किया जा रहा है और जल्द ही विशेष अधिकारियों की नियुक्ति के साथ अधिसूचना जारी किए जाने की संभावना है। इसके बाद संबंधित भूमि के संबंध में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू होगी।
विभाग के सचिव ने क्या कहा
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने बताया कि अधिसूचना में संबंधित अंचल, मौजा, थाना, खाता, खेसरा और भूमि क्षेत्रफल का पूरा विवरण शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बेतिया राज अथवा बोर्ड ऑफ रेवेन्यू से प्राप्त पट्टे या बंदोबस्ती के आधार पर दावा करता है, तो उसकी सुनवाई संबंधित जिले के स्पेशल ऑफिसर द्वारा की जाएगी और जांच के बाद नियमों के अनुरूप अंतिम निर्णय लिया जाएगा।


