Sunday, April 26, 2026

बिहार सरकार ने ईंट भट्ठा और खनन क्षेत्र के असंगठित श्रमिकों को पहचान पत्र जारी करने का बड़ा निर्णय लिया है।

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बिहार सरकार ने ईंट भट्ठा और खनन क्षेत्र के असंगठित श्रमिकों को पहचान पत्र जारी करने का बड़ा निर्णय लिया है। इससे इन कामगारों को सरकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और बीमा का सीधा लाभ मिलेगा। खान एवं भू-तत्व विभाग ने सभी जिलों को श्रमिकों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। यह पहल बाल श्रम और शोषण पर अंकुश लगाएगी, हजारों श्रमिकों के जीवन में स्थिरता लाएगी।

पटना। ईट भट्ठा तथा खनन क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को अब पहचान के संकट से नहीं जूझना पड़ेगा। राज्य सरकार ने असंगठित क्षेत्र के कामगारों को आधिकारिक पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के सभी ईट भट्ठा और खनन क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों को पहचान पत्र जारी किए जाएंगे, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा।

खान एवं भू-तत्व विभाग की हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में विभाग के निदेशक ने सभी जिलों के खनिज विकास पदाधिकारियों को सरकार के निर्णय से अवगत कराया साथ ही निर्देश दिए कि जिलों में ईट भट्ठों में जो श्रमिक कार्यरत हैं, उनकी सूची खान एवं भू-तत्व विभाग को अविलंब उपलब्ध कराएं।

सूत्रों की माने तो इन क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के पास पहचान के वैध दस्तावेज नहीं होने के कारण उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, बीमा और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रहना पड़ता था।

पहचान पत्र से मिलेगा योजनाओं का सीधा लाभ

पहचान पत्र जारी होने के बाद श्रमिकों का विधिवत पंजीकरण होगा और उनका डाटा सरकारी रिकार्ड में दर्ज किया जाएगा।

पहचान पत्र मिलने से श्रमिकों की आवाजाही, रोजगार की निरंतरता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। साथ ही, बाल श्रम और श्रमिकों के शोषण पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।

पहचान पत्र में श्रमिक का नाम, कार्य क्षेत्र, नियोक्ता का विवरण और आधार जैसी आवश्यक जानकारियां शामिल होंगी। इस योजना के तहत जिला स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां श्रमिकों का पंजीकरण कर पहचान पत्र बनाए जाएंगे।

प्रोसेस को आसान बनाने के निर्देश 

विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रक्रिया को सरल और श्रमिकों के अनुकूल बनाएं, ताकि अधिक से अधिक मजदूर इसका लाभ उठा सकें।

सरकार के इस निर्णय से ईट भट्ठा और खनन क्षेत्र में काम करने वाले हजारों श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा की मुख्यधारा से जोडऩे में मदद मिलेगी और उनके जीवन में स्थिरता आएगी।

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