पटना। ग्रामीण स्तर पर कृषि से जुड़ी डिजिटल साक्षरता बढ़ाने के लिए पंचायत, प्रखंड एवं जिला स्तर पर युवा किसान प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे।
प्रशिक्षित युवाओं को ‘बिहारी डिजिटल कृषि योद्धा’ के रूप में पहचान दिलाई जाएगी, जो अन्य किसानों को बिहार कृषि एप के उपयोग के लिए प्रेरित करेंगे।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले बिहारी डिजिटल कृषि योद्धाओं को विभाग द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को बिहार कृषि एप की समीक्षा के उपरांत अधिकारियों को यह निर्देश दिए।
मीठापुर स्थित कृषि भवन, व्यापक समीक्षा के दौरान किसानों के बीच एप के प्रचार-प्रसार, प्रशिक्षण, निगरानी एवं किसान सहभागिता को सुदृढ़ करने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए।
हिंदी-अंग्रेजी के अलावा इन भाषाओं में एप
किसानों की सुविधा के लिए एप को अब हिंदी एवं अंग्रेजी के साथ-साथ मगही, भोजपुरी, अंगिका एवं बज्जिका भाषाओं में भी उपलब्ध कराया जाएगा। सर्वाधिक किसान पंजीकरण सुनिश्चित करने वाले शीर्ष पांच जिलों, पांच प्रखंडों एवं पांच पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही बेहतर प्रदर्शन करने वाले विभागीय कर्मियों को भी पुरस्कृत करने की पहल होगी।
किसानों के बीच कृषि एप के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए राज्य के सभी कृषि कार्यालयों में होर्डिंग, बैनर एवं पोस्टर लगाए जाएंगे। बामेती के माध्यम से आयोजित होने वाले सभी प्रशिक्षण सत्रों में किसानों को एप की विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी।
उन्होंने कहा कि एप में अब गरमा फसल के स्थान पर ग्रीष्मकालीन फसल शब्दावली का उपयोग किया जाएगा। इसी तरह, इसमें वासंतिक (रबी फसल) एवं शारदीय फसलों (खरीफ फसल) से संबंधित जानकारी भी सम्मिलित की जाएगी।
बिहार कृषि एप पर वर्तमान में लगभग 11.50 लाख किसान पंजीकृत हैं। इस वर्ष के अंत तक लगभग 80 लाख किसानों को पंजीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस एप के माध्यम से किसानों को कई सुविधाएं मिल रही हैं, जिनमें नजदीकी दुकानों में उर्वरक की उपलब्धता की रियल टाइम जानकारी, सरकारी योजनाओं के लिए एकल विंडो इंटरफेस, किसान पासबुक, बाजार मूल्य, मौसम चेतावनी और पौधा संरक्षण संबंधी सलाह, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, पीएम एआइ आधारित चैटबाट एवं बिहार कृषि रेडियो सुनने की विशेष सुविधा। बैठक में कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल के अतिरिक्त विभाग के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।


