बिहार विधानसभा में शून्यकाल की सूचना देने के लिए विधायकों को अब सशरीर उपस्थित नहीं होना पड़ेगा। अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सूचनाएं ऑनलाइन दी जाएंगी। यह बदलाव सत्र को सुचारू रूप से चलाने और जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है। 7 फरवरी को विधानसभा भवन के स्थापना दिवस पर विशेष व्याख्यान भी होगा
पटना। शून्यकाल की सूचना देने के लिए सशरीर उपस्थित होने की अनिवार्यता से विधायकों को जल्द ही मुक्ति मिलेगी।
अब यह सूचना भी ऑनलाइन दी जाएगी। शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष डाॅ. प्रेम कुमार की अध्यक्षता में हुई दलों के नेताओं की बैठक में यह निर्णय हुआ।
दो फरवरी से प्रारंभ यह प्रस्ताव विस अध्यक्ष की ओर से ही आया था। दलीय नेताओं ने इस पर सहमति जताई। विस अध्यक्ष ने कहा कि सत्र सुचारू रूप से चले तो अधिक काम होगा।
जनहित के विषयों पर सार्थक विमर्श की उम्मीद
जनहित के विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श होगा। सत्ता पक्ष तथा विपक्ष परस्पर सहयोग से जन समस्याओं का समाधान करेंगे। उन्होंने नेताओं से सत्र के शांतिपूर्ण संचालन में सहयोग की भी अपील की।
डॉ. कुमार ने बताया कि सात फरवरी को बिहार विधान सभा भवन के स्थापना दिवस के अवसर पर सेन्ट्रल हाॅल में दोनों सदनों के सदस्यों की उपस्थिति में एक व्याख्यान का आयोजन किया गया है।
इसमें लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला, राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश एवं केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू भी आमन्त्रित हैं।
बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, उपाध्यक्ष नरेन्द्र नारायण यादव, ऊर्जा, योजना एवं विकास मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार उपस्थित थे।
इनके अलावा विधायक आलोक कुमार मेहता , अरुण सिंह, माधव आनंद , इन्द्रजीत प्रसाद गुप्ता , सतीश कुमार सिंह यादव, कुमार सर्वजीत, डा. प्रकाश चंद्र एवं ज्योति देवी तथा विधान सभा की प्रभारी सचिव डा. ख्याति सिंह सहित सभा सचिवालय के वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।


