Patna News, 5 November 2026: बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। इसी बीच मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में एनडीए के घटक दलों की बैठक हुई। जेडीयू की समीक्षा बैठक के बाद आयोजित इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित बिहार दौरे और एनडीए सरकार के एक साल पूरे होने पर होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर चर्चा की गई।
बैठक के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने प्रधानमंत्री के बिहार दौरे की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 नवंबर को बिहार आएंगे। उनके दौरे को लेकर एनडीए की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।
20 नवंबर को सरकार की पहली वर्षगांठ का कार्यक्रम
एनडीए सरकार के एक साल पूरे होने के अवसर पर 20 नवंबर को कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। बैठक में इस आयोजन की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। गठबंधन के नेताओं के अनुसार, सरकार के एक साल के कार्यकाल को लेकर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने यह भी बताया कि छठ पर्व के बाद ‘लोकतंत्र बचाओ अभियान’ को और तेज किया जाएगा।
विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा
विधान परिषद की आठ सीटों पर हुए चुनाव में एनडीए को तीन, राजद को दो, जन सुराज को एक और निर्दलीय प्रत्याशियों को दो सीटें मिलीं। चुनाव परिणाम के बाद गठबंधन के भीतर राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
खासकर निर्दलीय प्रत्याशियों की जीत और उनके भाजपा को समर्थन देने की खबरों के बाद जेडीयू के कुछ नेताओं में नाराजगी की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि दोनों निर्दलीय प्रत्याशियों ने जेडीयू उम्मीदवारों को हराकर जीत दर्ज की थी, लेकिन बाद में भाजपा को समर्थन दिया।
जेडीयू की समीक्षा बैठक में सहयोग को लेकर उठे सवाल
एनडीए की बैठक से पहले जेडीयू ने विधान परिषद चुनाव में प्रदर्शन की समीक्षा की थी। इस बैठक में चुनावी नतीजों और गठबंधन के भीतर समन्वय को लेकर चर्चा हुई।
सूत्रों के अनुसार, जेडीयू की समीक्षा बैठक में कुछ नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान गठबंधन के सभी घटक दलों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में एक मंत्री की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बैठक में शामिल प्रत्याशियों और विधायकों ने सार्वजनिक रूप से विस्तृत टिप्पणी करने से परहेज किया। उन्होंने इतना कहा कि अपनी बातें पार्टी नेतृत्व के सामने रख दी गई हैं।
पिछले चुनावों में भी हार को लेकर हुई चर्चा
विधान परिषद चुनाव में एनडीए के प्रदर्शन को लेकर पार्टी के भीतर मंथन की खबर है। इससे पहले भी कुछ चुनावों में गठबंधन को हार का सामना करना पड़ा था। भोजपुर-बक्सर स्थानीय निकाय विधान परिषद चुनाव का परिणाम भी इसी संदर्भ में चर्चा का विषय रहा।
हालिया चुनाव परिणाम के बाद गठबंधन के भीतर चुनावी रणनीति, आपसी तालमेल और उम्मीदवारों को मिले समर्थन जैसे मुद्दों पर समीक्षा की जरूरत महसूस की जा रही है।
आगे की रणनीति पर रहेगी राजनीतिक नजर
मुख्यमंत्री आवास पर हुई एनडीए की बैठक में सार्वजनिक रूप से प्रधानमंत्री के दौरे और सरकार की पहली वर्षगांठ के कार्यक्रम को लेकर जानकारी दी गई। वहीं, विधान परिषद चुनाव के बाद जेडीयू में सामने आई नाराजगी और गठबंधन के भीतर समन्वय से जुड़े सवाल बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि एनडीए के घटक दल इन मुद्दों पर किस तरह आपसी तालमेल बनाते हैं और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए क्या रणनीति अपनाते हैं।
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