Wednesday, November 4, 2026

बिहार में राशन की कालाबाजारी पर लगेगी लगाम! 60 हजार PDS दुकानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार, AI से होगी निगरानी.

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Bihar News, 4 नवंबर 2026: बिहार में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन वितरण को पारदर्शी बनाने और फर्जी राशन कार्ड पर रोक लगाने के लिए सरकार नई डिजिटल व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रही है। राज्य की करीब 60 हजार जनवितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया गया है। अब इन दुकानों को डिजिटल निगरानी प्रणाली से जोड़ने की योजना है। इसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग की मदद से राशन के स्टॉक और वितरण पर नजर रखी जाएगी।

Fair Price Shop Management System से होगी निगरानी

नई व्यवस्था के तहत राज्य में फेयर प्राइस शॉप मैनेजमेंट सिस्टम लागू किए जाने की योजना है। इसके जरिए यह जानकारी मिल सकेगी कि किस पीडीएस दुकान में कितना राशन पहुंचा, कितनी मात्रा में उसका वितरण हुआ और कितना स्टॉक बचा है।

AI और मशीन लर्निंग की मदद से राशन की उपलब्धता और वितरण से जुड़े आंकड़ों की निगरानी की जाएगी। इससे दुकानों के स्टॉक और वितरण में होने वाली गड़बड़ियों की पहचान करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, किसी भी राशन कार्ड को रद्द करने से पहले निर्धारित सत्यापन और जरूरी प्रक्रिया का पालन करना होगा।

सभी जिला आपूर्ति पदाधिकारियों को निर्देश

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से सभी जिलों के आपूर्ति पदाधिकारियों को नई व्यवस्था प्रभावी तरीके से लागू कराने का निर्देश दिया गया है।

इसके अलावा राज्य के अलग-अलग जिलों में खोली जा रही 4,910 नई पीडीएस दुकानों को भी डिजिटल निगरानी प्रणाली से जोड़ने की योजना है। इन दुकानों को लाइसेंस देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

फर्जी राशन कार्ड और कालाबाजारी रोकना है उद्देश्य

सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य राशन वितरण में पारदर्शिता लाना, फर्जी राशन कार्ड की पहचान करना और सरकारी अनाज की कालाबाजारी पर रोक लगाना है।

डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से पीडीएस दुकानों में आने वाले और वितरित होने वाले राशन का हिसाब रखना आसान होगा। इससे वितरण प्रक्रिया की निगरानी और अनियमितताओं की पहचान में भी मदद मिल सकती है।

आधार और OTP से जुड़ेगी ई-पास मशीन

नई व्यवस्था के तहत राशन दुकानों पर पहले से इस्तेमाल हो रही इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (e-POS) मशीनों को आधार आधारित बायोमीट्रिक और OTP प्रमाणीकरण से जोड़ने की तैयारी है।

इससे लाभार्थियों की पहचान और राशन वितरण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी। सरकार इस डिजिटल व्यवस्था को ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ प्रणाली के लिए भी उपयोगी मान रही है।

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