Thursday, April 30, 2026

बिहार में मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य योजना के तहत सरकारी स्कूलों की 7वीं से 12वीं कक्षा की छात्राओं को सैनेटरी पैड खरीदने के लिए सालाना 300 रुपये मिलते हैं।

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बिहार में मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य योजना के तहत सरकारी स्कूलों की 7वीं से 12वीं कक्षा की छात्राओं को सैनेटरी पैड खरीदने के लिए सालाना 300 रुपये मिलते हैं। यह राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। बक्सर में 60 लाख की लागत से ‘मायरा’ जैविक सैनेटरी पैड उत्पादन इकाई स्थापित की गई है, जिसका संचालन जीविका दीदियां कर रही हैं। यह योजना छात्राओं की स्वच्छता और शिक्षा में सुधार ला रही है।=

पटना। बिहार में 2018 से ही बिहार में मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य योजना लागू है। इसके तहत सभी सरकारी विद्यालयों में कक्षा सातवीं से 12वीं तक पढ़ने वाली छात्राओं को सैनेटरी पैड खरीदने के लिए प्रति वर्ष 300 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाती है। इस योजना के तहत पहले प्रति छात्रा 150 रुपये दिए जाते थे, जिसे बढ़ाकर सालाना 300 रुपये कर दिया गया।

बक्सर में लगी जैविक सैनेटरी पैड उत्पादन इकाई 

दरअसल, स्वच्छता के प्रति जागरुकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फरवरी, 2015 में सरकारी विद्यालयों में लड़कियों के बीच सैनेटरी नैपकिन के वितरण की घोषणा की थी, जिसके बाद लड़कियां आसानी से विद्यालय की दिनचर्या को अच्छे ढंग से निभाने लगीं और साथ ही लड़कियों के ड्रापआउट दर में भी कमी आई है।

वर्ष 2023 में बक्सर जिले के चौसा प्रखंड में 60 लाख रुपये की लागत से राज्य के पहले ‘मायरा’ जैविक सैनेटरी पैड उत्पादन इकाई की स्थापना की गई। इसका संचालन जननी जीविका महिला समूह से जुड़ी महिलाएं कर रही हैं।

जीविका दीदीयों को मिली जिम्मेदारी

इसके शुरू होने से बक्सर जिले में सैनेटरी पैड की उपलब्धता आसान हुई है। साथ ही इस इकाई से जुड़कर काम करने वाली जीविका दीदियां स्वावलंबी बनकर सफलता की कहानी लिख रही हैं।

जीविका दीदियां अपनी मेहनत की बदौलत इस जैविक सैनेटरी पैड यूनिट के उत्पादन क्षमता को लगतार बढ़ा रही हैं। राज्य के इस सैनेटरी पैड यूनिट में आठ मशीनें लगी हैं। इस यूनिट में 18 ग्रामीण महिलाओं को रोजगार मिला है।

जीविका दीदियों द्वारा निर्मित इस सैनेटरी पैड की खासियत यह है कि उपयोग के बाद मिट्टी के संपर्क में आने से यह गल कर मिट्टी हो जाती है। इससे वातावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचता।

शिक्षा विभाग के मुताबिक किशोरी स्वास्थ्य योजना के तहत 2025-26 में सातवीं से 12वीं की छात्राओं को सैनेटरी पैड के लिए 90 करोड़ 35 लाख राशि प्रदान की गई है।

यह योजना सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाली सातवीं से 12वीं कक्षा की सभी छात्राओं के लिए लागू है। राशि वितरण DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे बैंक खातों में की जाती है।

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