Sunday, September 27, 2026

बिहार में बैंक हड़ताल से पहले रविवार को खुली शाखाएं, 28 से 30 सितंबर तक सेवाएं प्रभावित होने की आशंका.

Share

पटना: तीन दिवसीय बैंक हड़ताल से पहले रविवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक खुले रहे। हालांकि छुट्टी के दिन शाखाएं खुलने के बावजूद सामान्य दिनों की तुलना में ग्राहकों की संख्या कम रही। हड़ताल की जानकारी पहले से होने के कारण कई लोगों ने अपने जरूरी बैंकिंग काम पहले ही निपटा लिए।

ग्राहकों के बीच डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम का इस्तेमाल भी जारी रहा। वहीं, बैंक शाखाओं में कर्मचारियों ने विरोध के तौर पर काला बैज और काले कपड़े पहनकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया।

कर्मचारियों ने पहले काम निपटाने की दी सलाह

रविवार को बैंक खुले रहने से ग्राहकों को नकद जमा और निकासी, चेक से जुड़े काम, दस्तावेज जमा करने समेत अन्य शाखा संबंधी कार्य पूरे करने का अवसर मिला। बैंक कर्मचारियों ने भी लोगों से हड़ताल के दौरान संभावित असुविधा से बचने के लिए जरूरी काम समय रहते पूरा करने की अपील की।

6,203 बैंक शाखाओं पर असर की संभावना

बिहार में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की करीब 4,099 शाखाएं हैं, जबकि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की 2,104 शाखाएं हैं। इस तरह इन दोनों श्रेणियों की कुल 6,203 शाखाएं हड़ताल से प्रभावित हो सकती हैं।

राज्य में सभी श्रेणियों को मिलाकर करीब 8,304 बैंक शाखाएं और 7,269 एटीएम हैं। हालांकि, हड़ताल का वास्तविक असर संबंधित बैंक और कर्मचारियों की भागीदारी पर निर्भर करेगा।

किन मांगों को लेकर हड़ताल

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर होने वाली हड़ताल में बैंक यूनियनों ने पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने, पर्याप्त कर्मचारियों की भर्ती, खाली पदों को भरने और काम के अनुपात में मैनपावर उपलब्ध कराने जैसी मांगें रखी हैं।

यूनियनों के अनुसार, 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की हड़ताल के साथ साप्ताहिक अवकाश जुड़ने के कारण बैंकिंग सेवाएं कुल पांच दिनों तक प्रभावित हो सकती हैं।

30 सितंबर को अर्धवार्षिक समापन

30 सितंबर बैंकिंग कारोबार के लिए अर्धवार्षिक समापन की महत्वपूर्ण तारीख है। ऐसे में हड़ताल के कारण नकद लेनदेन, चेक क्लियरिंग, केवाईसी, ऋण संबंधी कार्य और दस्तावेजों से जुड़े काम प्रभावित होने की आशंका है।

ग्राहक इस दौरान इंटरनेट बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम जैसी डिजिटल सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, इन सेवाओं की उपलब्धता बैंक और तकनीकी व्यवस्था के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

Read more

Local News