Saturday, August 1, 2026

बिहार में दानापुर–फतुहा रेलखंड का होगा विस्तार, 976 करोड़ की परियोजना से बढ़ेगी ट्रेनों की क्षमता.

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पटना: बिहार में रेलवे नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम परियोजना को मंजूरी मिली है। पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर–फतुहा रेलखंड पर लगभग 29 किलोमीटर लंबी मल्टीट्रैकिंग परियोजना शुरू की जाएगी, जिसकी अनुमानित लागत 976 करोड़ रुपये है। इस परियोजना का उद्देश्य बढ़ते रेल यातायात को सुचारु बनाना, ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार करना और माल परिवहन क्षमता को बढ़ाना है।

व्यस्त रेलखंड पर कम होगा दबाव

दानापुर–फतुहा सेक्शन पूर्व मध्य रेलवे के सबसे व्यस्त मार्गों में गिना जाता है। वर्तमान में इस रूट पर ट्रेनों का संचालन लगभग पूरी क्षमता पर हो रहा है। अतिरिक्त रेल लाइनों के निर्माण से परिचालन में लचीलापन आएगा और भविष्य में अधिक ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा।

किन हिस्सों में बिछेंगी नई लाइनें

परियोजना के तहत विभिन्न चरणों में नई रेल लाइनें जोड़ी जाएंगी। इसमें:

  • दानापुर से पटना के बीच तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण।
  • पटना से राजेंद्र नगर एवं पटना साहिब के बीच तीसरी लाइन।
  • पटना साहिब से फतुहा तक तीसरी और चौथी लाइन का विस्तार।

इन कार्यों के पूरा होने के बाद इस पूरे कॉरिडोर की संचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।

समय पर चलेंगी अधिक ट्रेनें

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अतिरिक्त ट्रैक बनने से ट्रेनों को क्रॉसिंग और ओवरटेकिंग के लिए कम इंतजार करना पड़ेगा। इससे ट्रेनों की लेटलतीफी घटेगी और परिचालन अधिक सुचारु होगा।

परियोजना पूरी होने के बाद इस मार्ग पर प्रतिदिन करीब 22 अतिरिक्त यात्री ट्रेनें और 18 अतिरिक्त मालगाड़ियां चलाने की क्षमता विकसित होने का अनुमान है।

माल परिवहन को मिलेगा बढ़ावा

नई लाइनों के निर्माण से हर वर्ष लगभग 52 लाख टन अतिरिक्त माल ढुलाई की क्षमता उपलब्ध हो सकती है। इससे कोयला, सीमेंट, खनिज और अन्य औद्योगिक उत्पादों के परिवहन में तेजी आएगी, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को भी लाभ मिलने की संभावना है।

बड़े रेल कॉरिडोर का हिस्सा

दानापुर–फतुहा परियोजना, दिल्ली–पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन–पटना–किऊल–भागलपुर–खाना–हावड़ा रेल मार्ग के विस्तार की व्यापक योजना का हिस्सा है। यह कॉरिडोर ऊर्जा, खनिज और सीमेंट जैसे प्रमुख माल परिवहन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

चौसा पावर प्लांट को भी होगा लाभ

बक्सर जिले में निर्माणाधीन 2120 मेगावाट क्षमता वाले चौसा थर्मल पावर प्लांट को भी इस परियोजना से लाभ मिलने की संभावना है। अतिरिक्त रेल क्षमता उपलब्ध होने से कोयला और अन्य आवश्यक सामग्री की आपूर्ति अधिक सुगमता से की जा सकेगी।

रेलवे का मानना है कि परियोजना के पूरा होने के बाद पूर्व मध्य रेलवे के पटना मंडल में यात्री और माल दोनों प्रकार की रेल सेवाओं का संचालन अधिक प्रभावी होगा, साथ ही भविष्य में नई यात्री सेवाओं के विस्तार का मार्ग भी प्रशस्त होगा।

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