बिहार सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 5 हजार चिकित्सकों की जल्द बहाली करने जा रही है. प्रभारी मंत्री नीरज कुमार सिंह ने विधान परिषद में बताया कि बिहार तकनीकी सेवा आयोग को प्रस्ताव भेजा जा चुका है.
बिहार में सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी जल्द दूर होने वाली है. राज्य सरकार 5000 से अधिक चिकित्सकों की बहाली करने जा रही है, जिसमें 3623 विशेषज्ञ चिकित्सक, 667 सामान्य चिकित्सक और 808 दंत चिकित्सक शामिल होंगे. मंगलवार को बिहार विधान परिषद में प्रभारी मंत्री नीरज कुमार सिंह ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इन पदों पर नियुक्ति के लिए बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) को प्रस्ताव भेजा जा चुका है और जल्द ही विज्ञापन जारी किया जाएगा
शिवहर सदर अस्पताल को मिलेगा नया चिकित्सा पदाधिकारी
मंत्री ने बताया कि शिवहर सदर अस्पताल में कुल 36 स्वीकृत पदों में से 17 पर ही चिकित्सक कार्यरत हैं. बहाली प्रक्रिया पूरी होते ही यहां नए चिकित्सा पदाधिकारी नियुक्त किए जाएंगे. अस्पताल के अधीक्षक का पद फिलहाल सिविल सर्जन, शिवहर के प्रभार में रखा गया है.
आईजीआईएमएस में भी मिलेंगे नए डॉक्टर
इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान (आईजीआईएमएस) में कुल 163 स्वीकृत पदों में से कई अभी भी रिक्त हैं. मंत्री ने बताया कि यहां सहायक, उप निदेशक, संयुक्त निदेशक, अपर निदेशक, निदेशक और चिकित्सा पदाधिकारी सहित कई विशेषज्ञ चिकित्सक कार्यरत हैं. साथ ही, अस्पताल में 97 प्रकार की आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं.
चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए मेडिकल कॉलेजों पर जोर
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार नए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोल रही है. मंत्री ने स्पष्ट किया कि “चिकित्सक बनाए नहीं जा सकते, लेकिन अगर छात्र मेडिकल की पढ़ाई करेंगे तो जरूरत के अनुसार सरकारी अस्पतालों में उनकी नियुक्ति की जाएगी.” बिहार सरकार की इस पहल से स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है. विशेष रूप से ग्रामीण और जिला अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ने से मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी.


