पटना। बिहार के 211 नए डिग्री कॉलेजों में जल्द ही अशंकालिक प्राध्यापकों की नियुक्ति होगी। इनके चयन कार्य तय समय-सीमा में पूरा किया जाएगा और चयन की नई प्रक्रिया अपनाई जाएगी। कक्षाओं के संचालन की तमाम तैयारियां एक जुलाई के पहले पूरी की जाएंगी।
राज्यपाल सचिवालय की ओर से जल्द ही अंशकालिक प्राध्यापकों के चयन हेतु नई प्रक्रिया संबंधी गाइडलाइन जारी किया जाएगा। स्थायी प्राध्यापकों की नियुक्ति तक ही अंशकालिक शिक्षकों की सेवा ली जाएगी।
राज्यपाल एवं कुलाधिपति सैयद अता हसनैन ने सोमवार को बिहार लोक भवन में आयोजित कुलपतियों की बैठक में यह आदेश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करने हेतु चांसलर्स अवार्ड प्रारंभ करने का भी आदेश दिया।
बैठक में नए कॉलेजों की प्रगति की समीक्षा के दौरान राज्यपाल ने विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त संख्या में प्राध्यापकों की उपलब्धता सुनिश्चित का आदेश दिया, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो सके।
नए महाविद्यालयों के लिए भूमि की उपलब्धता, भवन निर्माण, आवश्यक आधारभूत संरचनाओं की व्यवस्था तथा प्राध्यापकों की नियुक्ति मिशन मोड में सुनिश्चित हो। महाविद्यालयों का स्थल प्रखंड मुख्यालय के निकट होना चाहिए तथा सुरक्षा के सभी आवश्यक मानकों का पालन किया जाना चाहिए
पुराने महाविद्यालयों सहित नए कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन सुनिश्चित करने के लिए सुयोग्य अंशकालीन फैकल्टी की समयबद्ध नियुक्ति सुनिश्चित किया जाए और उनके द्वारा संचालित कक्षाओं का सतत अनुश्रवण किया जाए।
सारी परीक्षाओं को कदाचारमुक्त बनाया जाए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हो। अन्यथा, जिम्मेदार पदाधिकारी दंडित होंगे। उन्होंने कुलपतियों से छात्र-छात्राओं के साथ नियमित संवाद स्थापित करने तथा उनकी समस्याओं एवं सुझावों पर ध्यान देने को भी कहा।
हर संस्थान में महिला सुरक्षा की होगी प्रभावी व्यवस्था, शिकायत समिति का गठन
राज्यपाल ने सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था करने तथा प्रत्येक संस्थान में आंतरिक शिकायत समिति का गठन करने का निर्देश दिया। उन्होंने सीनेट एवं सिंडिकेट की बैठकों में अनुशासन बनाए रखने तथा उन्हें अधिक सार्थक एवं परिणामोन्मुख बनाने पर बल दिया।
साथ ही, अन्य राज्यों के सफल नवाचारों एवं श्रेष्ठ प्रथाओं को अपनाने का भी सुझाव दिया। उन्होंने प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों को समय पर वेतन तथा सेवांत लाभों का भुगतान सुनिश्चित करने को भी कहा।
पीएचडी में यूजीसी का प्रविधान का सख्ती पालन
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को पीएचडी के लिए यूजीसी के प्रविधानों का सख्ती से अनुपालन कराने और शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम नियमित रूप से आयोजित करने का निदेश दिया।
उन्होंने सूचना एवं पुस्तकालय नेटवर्क के अधिकाधिक उपयोग पर बल देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को यूजर आइडी उपलब्ध कराई जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि वे इन सुविधाओं का प्रभावी उपयोग कर रहे हैं।
वित्तीय अनुशासन की प्रभावी व्यवस्था अनिवार्य
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में वित्तीय अनुशासन की प्रभावी व्यवस्था को अनिवार्य करने को कहा। उन्होंने समर्थ पोर्टल के सभी माड्यूल्स को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने का भी निर्देश दिया।
बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन, निदेशक प्रो. एनके अग्रवाल एवं बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के अध्यक्ष प्रो. गिरीश कुमार चौधरी भी मौजूद थे।


