Saturday, October 3, 2026

बिहार के हर जिले में बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, स्कूलों में AI और रोबोटिक्स समेत नए स्किल कोर्स की तैयारी.

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पटना: बिहार की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में व्यावसायिक और कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की तैयारी की जा रही है। शिक्षा विभाग की योजना के तहत राज्य के हर जिले में एक स्कूल को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। इन संस्थानों में विद्यार्थियों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ आधुनिक तकनीक और रोजगार से जुड़े प्रशिक्षण के अवसर देने पर जोर रहेगा।

हर जिले में एक स्कूल को किया जाएगा विकसित

प्रस्तावित योजना के तहत प्रत्येक जिले में एक विद्यालय का चयन कर उसे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तौर पर विकसित करने की तैयारी है। इसके लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया जाना है।

इन स्कूलों में आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं के साथ विद्यार्थियों को अलग-अलग करियर विकल्पों से परिचित कराने और कौशल विकास पर आधारित प्रशिक्षण देने की योजना है।

AI से लेकर रोबोटिक्स तक की पढ़ाई

नई व्यवस्था में ऐसे विषयों को शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है, जिनकी मौजूदा समय में तकनीकी और रोजगार के क्षेत्र में उपयोगिता है। प्रस्तावित पाठ्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, मोबाइल रिपेयरिंग, एनिमेशन डिजाइनिंग, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

इसका उद्देश्य छात्रों को स्कूल स्तर से ही तकनीकी और व्यावहारिक कौशल से परिचित कराना है, ताकि आगे की पढ़ाई के साथ उनके पास रोजगार और प्रशिक्षण के अतिरिक्त विकल्प भी मौजूद रहें।

पुराने ट्रेड और सिलेबस की होगी समीक्षा

शिक्षा विभाग की योजना में वर्तमान व्यावसायिक पाठ्यक्रमों और ट्रेड की उपयोगिता की समीक्षा भी शामिल है। जिन पाठ्यक्रमों की प्रासंगिकता कम हो चुकी है, उन्हें हटाने या उनमें बदलाव करने पर विचार किया जाएगा।

इसके स्थान पर उद्योगों की जरूरत और रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप नए स्किल-बेस्ड कोर्स शुरू करने की दिशा में काम किया जाएगा।

ITI और इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग को लेकर जागरूकता

योजना के तहत विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच ITI और इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। इसके लिए व्यापक स्तर पर जानकारी उपलब्ध कराने की तैयारी है, ताकि छात्र अपनी रुचि और भविष्य की संभावनाओं के अनुसार व्यावसायिक शिक्षा के विकल्पों को समझ सकें।

तकनीकी संस्थानों से सहयोग की तैयारी

नए पाठ्यक्रमों को बेहतर तरीके से तैयार करने के लिए तकनीकी और विशेषज्ञ संस्थानों के साथ सहयोग की संभावना भी जताई गई है। इसके जरिए ऐसे प्रशिक्षण मॉड्यूल विकसित करने पर जोर रहेगा, जिनमें छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल भी मिल सके।

बिहार सरकार की यह प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने के बाद सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के जरिए विद्यार्थियों को स्कूल स्तर पर ही आधुनिक तकनीक, कौशल प्रशिक्षण और करियर से जुड़े विभिन्न विकल्पों से जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकेगा।

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