Sunday, May 3, 2026

बिहार के प्रमुख बस डिपो में जल्द ही थाली में परोसा जाएगा सस्ता, साफ और पौष्टिक भोजन.

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लंबी यात्रा से पहले या बाद में अब बस स्टैंड पर बासी और महंगे खाने की मजबूरी नहीं रहेगी. बिहार के प्रमुख बस डिपो में जल्द ही थाली में परोसा जाएगा सस्ता, साफ और पौष्टिक भोजन.

बिहार के बस डिपो अब सिर्फ यात्रियों के आने-जाने की जगह नहीं रहेंगे, बल्कि यहां भोजन की बेहतर सुविधा भी मिलेगी. राज्य के प्रमुख बस डिपो में पहले चरण में ‘जीविका दीदी की रसोई’ शुरू की जाएगी. इस पहल का उद्देश्य यात्रियों, बस चालकों और डिपो कर्मियों को किफायती दर पर स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है.

परिवहन सह ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार के निर्देश पर इस योजना को अमल में लाने की तैयारी शुरू हो चुकी है.

निरीक्षण में उजागर हुई बदहाल व्यवस्था, मंत्री ने जताई नाराजगी

हाल ही में परिवहन मंत्री ने कई बस डिपो का निरीक्षण किया था. इस दौरान डिपो परिसर में खाने-पीने की अव्यवस्था और अनहाईजेनिक हालात सामने आए. यात्रियों और चालकों को उचित भोजन न मिलने पर मंत्री ने गहरी नाराजगी जताई और अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि बस डिपो में बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए. इसी के बाद ‘जीविका दीदी की रसोई’ को बस डिपो से जोड़ने का फैसला लिया गया.

मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बस डिपो पर आने वाले यात्रियों और चालकों को अक्सर लंबा इंतजार करना पड़ता है. ऐसे में यदि सस्ते और भरोसेमंद भोजन की सुविधा हो, तो यात्रा का अनुभव बेहतर बनता है. दीदी की रसोई के जरिए भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और कीमत तीनों पर नियंत्रण रहेगा. इससे न सिर्फ यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि डिपो की छवि भी सुधरेगी.

दो विभागों का तालमेल, जमीन पर उतर रही योजना

यह योजना परिवहन विभाग और ग्रामीण विकास विभाग के समन्वय से लागू की जा रही है. ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत चल रही जीविका योजना पहले से ही अस्पतालों, सरकारी दफ्तरों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सफल साबित हुई है. अब उसी मॉडल को बस डिपो में अपनाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इसका लाभ पहुंच सके.

परिवहन विभाग के अनुसार, पहले चरण में बांकीपुर, आरा, बिहारशरीफ, फुलवारीशरीफ, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मोतिहारी, छपरा, सीवान, दरभंगा, गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, नवादा, भागलपुर, जमुई, मुंगेर, पूर्णिया और सहरसा के बस डिपो में ‘जीविका दीदी की रसोई’ शुरू की जाएगी. आगे चलकर इसकी पहुंच अन्य डिपो तक बढ़ाने की योजना है.

महिला स्वावलंबन और स्वरोजगार को मिलेगा बल

इस पहल का एक अहम पहलू महिला सशक्तिकरण भी है. जीविका से जुड़ी महिलाएं इन रसोईयों का संचालन करेंगी, जिससे उन्हें स्थायी रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता मिलेगी. यात्रियों की सुविधा के साथ-साथ यह योजना चालक कल्याण और महिलाओं के स्वरोजगार को भी मजबूत आधार देगी.

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