Sunday, October 25, 2026

बिहार की राजनीति में RJD का हमला: ‘गद्दारों को कर्मों की सजा मिल रही है’, इन तीन विधायकों का किया जिक्र.

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पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) की ओर से अनंत सिंह और नीलम देवी को पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए निशाना साधा है। पार्टी ने फरवरी 2024 के बिहार विधानसभा विश्वास मत का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्वासघात करने वालों को उनके कर्मों का परिणाम मिल रहा है।

RJD के इस पोस्ट में उन तीन विधायकों का जिक्र है, जिन्होंने फरवरी 2024 में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार के विश्वास मत के दौरान विपक्ष का साथ छोड़कर NDA सरकार के पक्ष में मतदान किया था। इनमें नीलम देवी, चेतन आनंद और प्रह्लाद यादव शामिल थे।

RJD ने पोस्ट में क्या कहा?

RJD ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में राजनीतिक घटनाक्रम पर तंज कसते हुए दावा किया कि उस समय पार्टी से अलग रुख अपनाने वाले विधायकों को अब अपने फैसलों के परिणाम का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी ने लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव का उल्लेख करते हुए कहा कि सत्ता में बने रहने के लिए उन्होंने अनैतिक रास्ता नहीं अपनाया।

पोस्ट में यह भी कहा गया कि तेजस्वी यादव ने विधानसभा में उस समय तीनों विधायकों को उनके फैसले के संभावित परिणामों की याद दिलाई थी। RJD ने अपने संदेश के अंत में कर्मों के फल से जुड़ी टिप्पणी करते हुए लिखा कि बुरे कर्मों का नतीजा बुरा होता है।

किन तीन विधायकों पर साधा निशाना?

RJD के पोस्ट के संदर्भ में तीन विधायकों के नाम सामने आए हैं:

  • नीलम देवी: फरवरी 2024 के विश्वास मत के दौरान NDA सरकार के समर्थन में मतदान करने वाली विधायक।
  • चेतन आनंद: विश्वास मत के दौरान विपक्ष से अलग रुख अपनाने वाले विधायक।
  • प्रह्लाद यादव: उन तीन विधायकों में शामिल, जिन्होंने विश्वास मत के दौरान सरकार के पक्ष में मतदान किया था।

उस समय इन विधायकों के फैसले को RJD के लिए राजनीतिक झटके के तौर पर देखा गया था। अब पार्टी ने अपने हालिया पोस्ट में उसी घटनाक्रम को याद करते हुए राजनीतिक तंज कसा है।

अनंत सिंह और नीलम देवी पर JDU की कार्रवाई

खबर के अनुसार, JDU ने मोकामा विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित करने की कार्रवाई की है। पार्टी ने दोनों पर अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप लगाए हैं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि JDU ने अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने के संबंध में बिहार विधानसभा अध्यक्ष से सिफारिश की है। इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

क्या था फरवरी 2024 का विश्वास मत?

फरवरी 2024 में नीतीश कुमार महागठबंधन से अलग होकर NDA में शामिल हो गए थे। इसके बाद 12 फरवरी को उनकी नई सरकार ने बिहार विधानसभा में विश्वास मत हासिल किया था।

इस दौरान RJD के तीन विधायकों—नीलम देवी, चेतन आनंद और प्रह्लाद यादव—ने NDA सरकार के समर्थन में मतदान किया था। इस घटनाक्रम ने उस समय बिहार की राजनीति में काफी सुर्खियां बटोरी थीं।

RJD ने अब इसी पुराने घटनाक्रम का हवाला देकर अपने विरोधियों पर निशाना साधा है। हालांकि, पार्टी की सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए राजनीतिक दावों को पार्टी के बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

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